: फिर से लौटने लगा अबूझमाड़ के बाजारों में रौनक
Fri, Nov 29, 2024
फिर से लौटने लगी है अबूझमाड़ ke बाजारों में रौनकनक्सल भय से अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम गारपा के वर्षाें से बंद पड़ी बाजार जो नारायणपुर पुलिस के अथक प्रयासो एवं ग्रामीणों के मांग पर दिनांक 28.11.2024 से पुनः प्रारंभ हुई।
गारपा में बाजार लगने से क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने मिला। अबूझ
माड़ क्षेत्र में पुनः प्रारंभ हो रही है हाट-बाजार मड़ई-मेला की परम्परजिला
मुख्यालय नारायणपुर से ग्राम गारपा तक प्रतिदिन चल रही यात्री बस एवं निजी गाड़िया।
‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजनाओ/परियोजनाओं का समग्र हो रहा है विस्तार ।
अबूझमाड़ ग्राम गारपा एवं आसपास क्षेत्र के ग्रामीणों की मांग पर नारायणपुर पुलिस के प्रयासों से गारपा आज दिनांक 28.11.2024 दिन गुरूवार से साप्ताहिक बाजार लगना प्रारंभ हुआ है। अब क्षेत्र के ग्रामीणों को दैनिक उपयोगी सामाग्री के लिए जिला मुख्यालय नारायणपुर या कही अन्यंत्र दूर जाना नहीं पड़ेगा समय की भी बचत होगी और आसानी से ग्राम गारपा के साप्ताहिक बाजार में जरूरत के सभी सामान मिल जायेगी।
कई वर्ष पूर्व ग्राम गारपा में बाजार लगता था किन्तु नक्सलियों द्वारा क्षेत्र के ग्रामीणों व व्यापारियों को डरा धमकाकर गारपा बाजार बंद करवा दिया गया था। जहॉ पर पुनः बाजार लगना प्रारंभ हुआ है। अब आदिवासी परम्परा के अनुसार हाट-बाजार, मड़ई-मेला माड़ क्षेत्र में पुनः प्रारंभ होगी अब लोगों के चेहरों में खुशियां देखने मिल रही है।
ग्राम गारपा में पुलिस जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प स्थापित होने के पश्चात नारायणपुर जिला प्रशासन एवं नारायणपुर पुलिस के प्रयासों से जल्द ही रोड निर्माण कराया गया और कोण्डागांव-नारायणपुर को सोनपुर होते हुए सितरम तक जोड़ने वाली प्राचीन सड़क जो नक्सलवाद प्रकोप से 30 साल मे बंद पड़ी थी जिसमें बस सुविधाए प्रारंभ हुई है क्षेत्र के ग्रामीण अब जिला मुख्यालय नारायणपुर तक बस सुविधा का लाभ ले रहे है। इस रोड में यात्री बस एवं निजी गाड़िया भी दौड़ रही है।
विकास और नक्सल विरोधी अभियान के मिश्रण से नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र में लगातार घट रहा है। ग्रामीणों में विकास की उम्मीद और मांग दोनों बढ़ रही है। बहुत जल्द ही अन्य पहुंचविहीन क्षेत्रों में भी सड़क निर्माण के साथ -साथ विकास की अन्य योजनाओं और परियोजनाओं को तेजी से पहुंचाया जाएगा।
सामाचार एवम विज्ञापन के लिए सम्पर्क करेंप्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर9424287547"
: नीलावती मौर्य बनी लखपति दीदी
Fri, Nov 29, 2024
जानिए नीला वती दीदी की कहानी*एनआरएलएम की सहायता से छापर भानपुरी की नीलावती मौर्य बनी लखपति दीदी* *फर्नीचर एवं बर्तन दुकान के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर नीलावती मौर्य* जगदलपुर 29 नवम्बर 2024/ स्वयं के परिवार में कम कृषि भूमि के चलते परिवार की माली हालत को देखकर छापर भानपुरी निवासी नीलावती मौर्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गांव की स्व सहायता समूह से जुड़कर फर्नीचर एवं बर्तन दुकान के जरिए अब आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो चुकी हैं। करीब पांच साल पहले गांव की दीदियों के साथ दुर्गा महिला स्व सहायता समूह गठित कर थोड़ी-थोड़ी बचत एवं आपसी लेनदेन के द्वारा समूह के सदस्यों ने गांव के समीप लगने वाले हाट बाजार में साग-सब्जी विक्रय और चाय-नाश्ता की दुकान जैसी छोटी-छोटी आर्थिक गतिविधियों से समूह को सक्षम बनाया। वहीं समूह से आर्थिक मदद लेकर सदस्यों ने स्वयं का व्यवसाय करना भी शुरू किया। इन्हीं में से एक नीलावती मौर्य ने गांव के आसपास शादी-ब्याह तथा अन्य अवसरों पर फर्नीचर और बर्तन की मांग को देखते हुए छापर भानपुरी में फर्नीचर एवं बर्तन दुकान खोलने के लिए समूह से 50 हजार रुपए की सहायता ली और घर की बचत राशि मिलाकर गत 2022 में छोटी सी बर्तन दुकान शुरू किया। जिसे अपनी लगन और मेहनत के जरिए अब विस्तार कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि जगदलपुर-चित्रकोट मेनरोड में दुकान स्थित होने के कारण अच्छा विक्रय हो रहा है। इस कारोबार में नीलावती को पति नरपत मौर्य का पूरा सहयोग मिल रहा है। पति करीब डेढ़ एकड़ भूमि में खेती-किसानी करते हैं और अतिरिक्त समय में नीलावती को मदद करते हैं। इस व्यवसाय के जरिए नीलावती दीदी हर महीने 15 से 20 हजार रुपए का सामान बेच लेती हैं और सीजन में 70 हजार रुपए की घरेलू सामग्री विक्रय कर लेती हैं। जिसकी आय से अपने चार सदस्यीय परिवार का समुचित भरण-पोषण कर रहे हैं। नीलावती अपने दोनों बच्चों की शिक्षा के लिए भी सजग होकर बेटी लवली मौर्य को 6 वीं में पढ़ा रही हैं और बेटा भोलेन्द्र को नर्सरी में प्रवेश दिलाया है।नीलावती मौर्य ने बताया कि घरेलू उपयोग की सोफा, पलंग, आलमारी आदि फर्नीचर सहित बर्तनों की डिमांड शादी के सीजन में बहुत ज्यादा रहती है। इसे ध्यान रखते हुए अब बैंक से दो लाख रुपए ऋण लेने के लिए आवेदन किया है, जिसे भारतीय स्टेट बैंक द्वारा स्वीकृति देने आश्वस्त किया गया है। इस ऋण राशि से आने वाले शादी-ब्याह के सीजन में फर्नीचर एवं बर्तन का अच्छा कारोबार कर सकेंगी। ज्ञात हो कि महिला उद्यमियों एवं कारोबारियों को उनकी जरूरत के अनुसार व्यवसाय विस्तार के लिए राज्य सरकार के सहयोग से भारतीय स्टेट बैंक द्वारा स्वयं सिद्धा योजना संचालित किया जा रहा है। जिसमें महिला उद्यमियों एवं व्यवसायियों को एक से 10 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इसी तरह छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा स्वयं सिद्धा प्रबल योजना चलाया जा रहा है। इस योजना में भी महिला उद्यमियों को 10 लाख रुपए तक का ऋण सुलभ कराया जाता है। यह दोनों योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मदद देकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में कारगर साबित हो रही है।प्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर9424287547
: 17 उपार्जन केन्द्रों पर हो रही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी
Fri, Nov 29, 2024
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किये जाने हेतु मुख्यमंत्री का जताया आभार नारायणपुर, 29 नवम्बर 2024// पूरे छत्तीसगढ़ सहित नारायणपुर जिले में 14 नवंबर से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत हुई है। जिलें में वर्तमान में 17 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान की ख़रीदी की जा रही है।धान बेचने आए किसान मानूराम ने बताया कि उनका 03 एकड़ खेत है और धान खरीदी केन्द्र माहका में 50 क्विंटल धान बेचा है। मानूराम के परिवार में 6 सदस्य है, जिसमें उनकी पत्नी, एक बेटा और तीन बेटी है। उन्होंने धान की खेती में 02 बोरा डीएफई और 02 बोरा युरिया का उपयोग किया है। उनका कहना है कि इस बार समर्थन मूल्य पर धान बेचने की प्रक्रिया पहले से अधिक सुगम और पारदर्शी से चल रही है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के कारण अब उन्हें लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि केन्द्र पर अच्छी व्यवस्था और अधिकारियों का सहयोग देखकर खुशी हुई। अब हमें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। उन्होंने कर्मचारियों का सहयोग की प्रशंसा की। धान बेचने के दो दिवस के भीतर किसानों के खातो में राशि अंतरित कि जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों के लिए बड़ी राहत है और हमें समय पर हमारा भुगतान मिल रहा है।किसान मानूराम ने कहा कि इस बार समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए मंडी में लंबी कतारों से बचने के लिए पहले से स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है और समर्थन मूल्य भी 3100 रूपये है जो हम किसानों के लिए बड़ी राहत की बात है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग का यह प्रयास सराहनीय है। इससे हमारी मेहनत का सही दाम मिल रहा है। किसान मानूराम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के द्वारा किये गये व्यवस्थाओं की प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि ऐसी सुविधाएं भविष्य में भी जारी रहेंगी। किसान मानूराम ने बताया कि धान बेचकर वह इस राशि से अपने खेत का मरम्मत कर आगे की फसल लेंगे और अपने परिवारिक कार्यों में उपयोग करेंगे।प्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर9424287547