: कलेक्टर ने किया आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण
Thu, Jan 9, 2025
तेन सिंह ठाकुर रिपोर्ट नारायणपुर
कलेक्टर ने किया आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण बच्चों को पौष्टिक भोजन और नास्ता साफ-सफाई के साथ खिलाने के निर्देश आंगनबाड़ी बंद पाए जाने पर कार्यकर्ता, सहायिकाओं पर होगी कड़ी कार्यवाही नारायणपुर, 09 जनवरी 2025// कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने नारायणपुर जिले के बिंजली, पालकी और तेलसी आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले पौष्टिक भोजन, स्वच्छता और शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण की शुरुआत पालकी आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-2 से हुई। कलेक्टर ने केंद्र की साफ-सफाई का अवलोकन किया और बच्चों से बातचीत कर उनका परिचय लिया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक अपना परिचय दिया। कलेक्टर ने सहायिकाओं से नाश्ता और पौष्टिक भोजन की जानकारी ली और बच्चों के औपचारिक ज्ञान की स्थिति पर चर्चा की। साथ ही, 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों और गर्भवती महिलाओं की देखभाल और पोषण से संबंधित जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने रेडी-टू-ईट फूड की गुणवत्ता का निरीक्षण किया और इसे स्वच्छता के साथ समय पर बच्चों को परोसने के निर्देश दिए। उन्होंने सहायिकाओं को बच्चों को शौचालय उपयोग करने और स्वच्छता के महत्व को समझाने के लिए प्रेरित किया। पालकी आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 के निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने शिशुवती मां सगनी दुग्गा से मुलाकात की, जो अपने बच्चे का वजन कराने आई थीं। कलेक्टर ने सगनी से अस्पताल में डिलीवरी के दौरान मिलने वाली सुविधाओं और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत दी गई राशि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, टीकाकरण, और स्वास्थ्य जांच की स्थिति की जानकारी ली। केंद्र के भंडार कक्ष में रखे रेडी-टू-ईट फूड के पैकेटों को सावधानीपूर्वक और सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। बिंजली आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 के निरीक्षण में कलेक्टर ने बच्चों की उपस्थिति, पोषण ट्रैकर की एंट्री और पौष्टिक भोजन की समयबद्धता का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध टेलीविजन का उपयोग बच्चों को शिक्षाप्रद कहानियां और चित्रों के माध्यम से सिखाने के लिए करने को कहा। तेलसी आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को दिए जाने वाले नाश्ते, पौष्टिक भोजन और रेडी-टू-ईट फूड से बने व्यंजनों की गुणवत्ता की जांच की गई।कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी रविकांत ध्रुवे को आंगनबाड़ी केन्द्र बंद पाए जाने पर कार्यकर्ता सहायिकाओं के ऊपर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों में अब तक विद्युत कनेक्शन नहीं लगाया गया है, उसे शीघ्र ही दुरूस्त कराने के निर्देश दिए।विज्ञापन एवम समाचार के लिए सम्पर्क करेंप्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर6264047084
: पांगुड जंगल में हुए मुठभेड़ के दण्डाधिकारी जांच के आदेश
Thu, Jan 9, 2025
तेन सिंह ठाकुर नारायणपुरपांगुड जंगल में हुए मुठभेड़ के दण्डाधिकारी जांच के आदेश नारायणपुर, 08 जनवरी 2025// जिले के सोनपुर थाना अतंर्गत ग्राम पांगुड़ के जंगल में 29 अगस्त 2024 को पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 03 वर्दीधारी नक्सली मारे जाने के फलस्वरूप अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ओरछा, श्री अभयजीत सिंह मण्डावी को दण्डाधिकारी जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। घटना के संबंध में जो भी व्यक्ति कोई भी कथन, दावा आपत्ति, लिखित या मौखिक शपथ पेश करना चाहता है, तो वे अपने अभिमत सहित कार्यालयीन समय में अधोहस्ताक्षरकर्ता के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकते है।प्रधान संपादकCg fast news 24.comतेन सिंह ठाकुर6264046084
: आजादी के बाद पहली बार मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में दुर्गम इलाकों में विकास की लहर*
Thu, Jan 9, 2025
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट नारायणपुर
नियद नेल्ला नार योजना से माओवाद प्रभावित गांवों में विकास और सुशासन की नई शुरुआत स्वच्छ पेयजल और सोलर हाईमास्ट से बदली अबूझमाड़ के ग्रामीणों की जीवनशैली
आजादी के बाद पहली बार मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में दुर्गम इलाकों में विकास की लहर* *नारायणपुर, 09 जनवरी 2025 //* मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर के माओवाद प्रभावित इलाकों में विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी 'नियद नेल्ला नार' योजना के तहत नारायणपुर जिले के दूरदराज के गांवों में सोलर हाईमास्ट और सोलर ड्यूल पंप लगाकर ग्रामीणों के जीवनशैली में ऐतिहासिक बदलाव आ रहे हैं। क्रेडा विभाग की पहल से इन इलाकों में अंधेरा छंट गया है और अब ग्रामीण रात में भी सुरक्षित महसूस करते हैं। साथ ही, सोलर ड्यूल पंपों से मिल रहे स्वच्छ पानी ने ग्रामीणों की जिंदगी आसान बना दी है। *स्वच्छ पेयजल की सुविधा से आया असाधारण बदलाव* क्रेडा ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ और माओवाद प्रभावित ग्रामों में सोलर ड्यूल पंपों की स्थापना की है। नारायणपुर जिले के ग्राम कोडोली (कस्तुरमेटा), ओकपाड़, हिकपाड़, ईरकभट्टी, कानागांव, मसपुर, मेटानार और मोहंदी जैसे गांवों में इन पंपों से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इन प्रयासों के माध्यम से अब ग्रामीणों को गांव में ही शुद्ध और साफ पानी उपलब्ध हो रहा है, जिससे उन्हें अब पानी के लिए दूर-दराज के स्थानों पर जाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती। इससे उनकी दैनिक जिंदगी में असाधारण बदलाव आया है और जल संकट जैसी समस्याएं हल हो गई हैं। यह पहल न केवल ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बना रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर डाल रही है। सोलर हाईमास्ट से रोशन हुए अबूझमाड़ के गांव नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के ग्राम मसपुर, मेटानार, कस्तुरमेटा और हिकपाड़ में सोलर हाईमास्ट संयंत्रों की स्थापना की गई है। इन सौर ऊर्जा संचालित संयंत्रों से इन गांवों में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया है, जिससे न केवल गांवों में सुरक्षा का स्तर बढ़ा है, बल्कि ग्रामीणों को अब रात में भी बिना किसी परेशानी के विभिन्न गतिविधियों को अंजाम देने की सुविधा मिल रही है। इन संयंत्रों की मदद से ग्रामीण अब रात्रिकालीन बैठकें, सामुदायिक सांस्कृतिक कार्यक्रम, और अन्य सामाजिक गतिविधियां सहजता से आयोजित कर सकते हैं। इससे गांवों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है, और स्थानीय समुदाय को विकास की नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय का अबूझमाड़ इलाके को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के इन प्रयासों को ग्रामीणों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। मसपुर और मेटानार के ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए उनका आभार व्यक्त किया है। क्रेडा विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राजेश सिंह राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सोलर हाईमास्ट, सोलर पेयजल संयंत्र और सौर सुजला योजना के तहत सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा संचालित उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं। इन संयंत्रों की स्थापना से ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, जो उन्हें समाज के अन्य वर्गों के साथ जोड़ने का अभिनव प्रयास है। नियद नेल्ला नार योजना ने न केवल इन गांवों को रोशन किया है, बल्कि यहां के निवासियों के जीवन में नई उम्मीदें और संभावनाएं भी जगाई हैं।विज्ञापन एवम समाचार के लिए सम्पर्क करेंप्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर6264046084