Wed 17 Jun 2026

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: भोंगापाल बुद्ध चैत्यगृह हमारी सांस्कृतिक धरोहर  भगवान बुद्ध आज और ज्यादा प्रासंगिक - नीलकंठ टेकाम

[caption id="attachment_5152" align="alignnone" width="300"]तेन सिंह ठाकुर भोंगापाल बुद्ध चैत्यगृह हमारी सांस्कृतिक धरोहर  भगवान बुद्ध आज और ज्यादा प्रासंगिक - नीलकंठ टेकाम[/caption] नारायणपुर - छत्तीसगढ़ में पुरातात्विक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण दूसरे सबसे बड़े बौद्ध तीर्थ छठी शताब्दी में निर्मित बौद्ध चैत्य गृह भोंगापाल जिला कोंडागांव में बुद्ध पूर्णिमा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर तथागत गौतम बुद्ध की भव्य प्रतिमा के चरणों में पुष्प अर्पित करते हुए मुख्य अतिथि केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम , विशिष्ट अतिथि रायपुर कमिश्नर श्री महादेव कावरे ,डां. कृष्ण मूर्ति कांबले एवं छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज के प्रदेश अध्यक्ष अनिल खोबरागड़े के साथ उपस्थित समस्त बौद्ध उपासक उपासिकाओ ने मोमबत्ती, अगरबत्ती जलाकर सामूहिक रूप से त्रिशरण पंचशील ग्रहण किया तत्पश्चात सभी को खीर वितरित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री नीलकंठ टेकाम विधायक केशकाल ने संबोधित करते हुए कहा कि आदिकाल से ही इस क्षेत्र का समृद्धशाली इतिहास रहा है। विश्व को प्रज्ञा,शील, करूणा एवं शांति का संदेश देने वाले भगवान गौतम बुद्ध आज भी प्रासंगिक है , बुद्ध ज्यादा ज्ञानी थे वैज्ञानिक थे ।हम सभी मिलकर बुद्ध के इस प्रतिज्ञा स्थल चैत्य गृह भोंगापाल को पुर्नजीवित करेंगे ।सिरपुर,भोंगापाल जैसे अन्य क्षेत्रों की कलाकृति एवं निर्माण की अवधि एक समान है। हर काल एवं समय में अलग अलग तकनीक होती है। यह क्षेत्र हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। छठी शताब्दी में भी हमारे पूर्वज समृद्ध शाली थे। विशिष्ट अतिथि श्री महादेव कावरे कमिश्नर रायपुर ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने विश्व प्रसिद्ध बौद्ध ग्रंथ बुद्धा एंड हिज धम्मा में तथागत गौतम बुद्ध एवं उनके विचारों को विस्तार से बताया है। गौतम बुद्ध कहते हैं कि आज के बारे में सोचो , तृष्णा को पार करने से मोक्ष बन जाता है। श्री कावरे ने पंचशील के सिद्धांत को सरल भाषा में बताते हुए कहा कि 15 सौ साल पहले यह क्षेत्र बुद्धिजम का क्षेत्र रहा होगा। बस्तर वासियों का विचार बुद्ध के विचार से मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा नहीं होती तो हम लोग इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाते इसलिए इस क्षेत्र को शिक्षा का बड़ा केंद्र बनायें। बुद्ध जयंती समारोह में डॉ.कृष्णमूर्ति कांबले रायपुर, श्री झाड़ीराम सलाम अध्यक्ष कोंडागांव जिला सरपंच संघ, श्री गिरधारी लाल भगत पूर्व इनकम टैक्स कमिश्नर, श्री घनश्याम रामटेके अध्यक्ष बौद्ध समाज अंतागढ़, श्री अनिरुद्ध कोचे उप संचालक छत्तीसगढ़ शासन,श्रीमती ममता खापर्डे अध्यक्ष बौद्ध समाज लंजोड़ा,विशेष अतिथि डॉ.किरण कांबले रायपुर , श्री धंसराज टंडन अध्यक्ष सर्व समाज कोंडागांव,शंभूनाथ चांदेकर विश्रामपुरी, हिमांशु दुर्गम बीजापुर, मंगलूराम नुरेटी नारायणपुर , श्री धर्मेन्द्र मेश्राम कांकेर, श्री कमलेश रामटेके सचिव बौद्ध समाज जगदलपुर,,जयंत वासनीकर पूर्व अध्यक्ष लंजोड़ा, श्री शिवशंकर कावड़े सरपंच बण्डापाल , श्री रामसाय नाग सरपंच भोंगापाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के संयोजक अनिल खोबरागड़े ने संचालन एवं बौद्ध समिति भोंगापाल के सचिव दिनेश सोरी ने आभार व्यक्त किया । इस अवसर पर प्रमुख रूप से कुलदीप खापर्डे, भोजेन्र्द रामटेके,गौतम रंगारी, धनेश रामटेके, जीवन लाल मेश्राम, जयप्रकाश वासनीकर, ज्वाला प्रसाद तुरकर , कृष्णादत्त उपाध्याय, बुद्धदेव संरक्षण समिति भोंगापाल के अध्यक्ष फूल सिंह कोर्राम, जनपद सदस्य बुदयारिन दुग्गा,बिरसिंह मरापी, पूर्व जनपद सदस्य लक्ष्मण उसेंडी,सरपंच गण सुखदेव सोरी,जगत नाग,जुनूराम सलाम,रस्सूराम मंडावी, को उप सरपंच विनोद मरापी, सुरेश बघेल, ग्राम पटेल जग्गूराम नाग ,सुकमन सलाम,सोपसिंह कोर्राम,लक्ष्मण दीवान, रामलाल सोरी, जयसिंह मंडावी, रूप सिंग नाग सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के पश्चात ग्राम वासियो की ओर से सभी के लिए मैत्री भोज की व्यवस्था की गई थी। प्रधान सम्पादक तेन सिंह ठाकुर 6264046084

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