: दंतेवाड़ा जिले में सुशासन तिहार पर 37,363 मिले आवेदन,* *33 हजार 362 आवेदनों का हुआ निराकरण*
Ten Singh Thakur
Sun, May 4, 2025
रचना ठाकुर की रिपोर्ट...
*दंतेवाड़ा जिले में सुशासन तिहार पर 37,363 मिले आवेदन,*
*33 हजार 362 आवेदनों का हुआ निराकरण*
*तृतीय चरण अंतर्गत 5 मई से शुरू होगा समाधान शिविर, जिले में तैयारी पूरी*
*कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रेस वार्ता में साझा की जानकारी*
दंतेवाड़ा, 04 मई 2025। ‘‘राज्य शासन द्वारा प्रदेश व्यापी सुशासन तिहार 2025 अंतर्गत प्रथम चरण में जिले से अब तक 37,363 आवेदन प्राप्त हुए है। इन आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा रहा है‘‘। संयुक्त जिला कार्यालय के सभागार में आयोजित आज प्रेसवार्ता के दौरान कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने मीडिया प्रतिनिधियों को इस तथ्य से अवगत कराया उन्होंने इस संबंध में आगे कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं, छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन की स्थापना को लेकर लगातार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शासन-प्रशासन के हर स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता आए, योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन हो, और इनका लाभ उन जरूरतमंद वर्गों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचे, जिनके लिए ये योजनाएं बनाई गई हैं। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य में ‘‘सुशासन तिहार‘‘-2025 का आयोजन किया जा रहा है। इस तिहार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान, शासकीय योजनाओं की समीक्षा और निगरानी, विकास कार्यों में तेजी लाना, और जनता, जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है। सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है। पहला चरण 08 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आयोजित हुआ। जिसमें आम जनता से उनकी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए हैं। ये आवेदन समाधान पेटी, शिविर और ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से लिए गए हैं। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखंड मुख्यालय स्तर पर की गई थी। इसके अलावा इस अवधि के दौरान हाट बाजारों में भी आवेदनों का संग्रह किया गया है।
कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में कुल 37,363 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कुल 33,362 आवेदनों को निराकरण किया जा चुका है। जिसमें शिकायतों की संख्या 671 है जिनमें से 594 प्राप्त शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है तथा मांग के कुल 36,692 आवेदनों में से 32,768 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। दूसरे चरण में इन प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड कर संबंधित विभाग, जनपद और नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजकर उनके गुणवत्तापूर्ण निराकरण की कार्रवाई की जा रही है। मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर निराकृत किया जा रहा है। काफी मांगें प्रधानमंत्री आवास योजना व उज्जवला योजना से सम्बन्धित हैं, जिनके बारे में राज्य सरकार भारत सरकार से अतिरिक्त लक्ष्य के लिए आग्रह कर रही है। इन योजनाओं में लक्ष्य प्राप्त होने पर आवेदकों की मांगें पात्रतानुसार निराकरण हो जायेगी। आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता की समीक्षा जिला और राज्य स्तर पर की जा रही है। तीसरे एवं अंतिम चरण की शुरुआत 05 मई से हो रही है, जो 30 मई तक चलेगा। इस दौरान जिले के 08 से 15 ग्राम पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। नगरीय निकायों में भी शिविर लगाए जाएंगे। जिले में कुल 23 ग्रामीण क्षेत्र में, 31 शहरी क्षेत्र में (कुल 54) समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, शिविरों की तारीख स्थानवार पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा इन शिविरों में आवेदकों को उनके आवेदनों पर की गई विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी दी जाएगी। शिविरों में नए आवेदन भी लिए जाएंगे, और जिन मामलों का समाधान वहीं संभव होगा, उनका मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। शिविरों में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित जानकारी प्रदर्शित की जाएगी, जैसेः- समाज कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, कौशल विकास एवं रोजगार, वन एवं जलवायु, आधार, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पशुपालन विभाग आदि। विभागीय अधिकारी समाधान शिविरों में विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे साथ ही हितग्राही मूलक योजनाओं के आवेदन पत्र, प्रपत्र भी उपलब्ध कराएंगे। समाधान शिविरों में विकासखंड एवं अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे, साथ ही इन षिविरों में जिला स्तर से भी कुछ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी तरह की व्यवस्था नगरीय निकायों के शिविरों मे भी रहेगी। तीसरे चरण के दौरान माननीय मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्रीगण, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी कुछ समाधान शिविरों में शामिल होंगे और आम जनता से सीधा संवाद करेंगे। माननीय मुख्यमंत्री के इन प्रवास के दौरान विकास कार्यों और योजनाओं का औचक निरीक्षण भी किया जायेगा और योजनाओं के जमीनी लाभ के बारे में फीडबैक भी वे लेंगे और मुख्यालय पर अधिकारियों के साथ उनकी समीक्षा बैठक भी होगी। जिसमें शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति, विभिन्न योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही कलेक्टर ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे समाधान शिविरों के प्रचार-प्रसार में सहभागिता देवें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। इस प्रेसवार्ता के अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
जिला ब्यूरो प्रमुख दंतेवाड़ा
रचना ठाकुर
7000297169
*दंतेवाड़ा जिले में सुशासन तिहार पर 37,363 मिले आवेदन,*
*33 हजार 362 आवेदनों का हुआ निराकरण*
*तृतीय चरण अंतर्गत 5 मई से शुरू होगा समाधान शिविर, जिले में तैयारी पूरी*
*कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रेस वार्ता में साझा की जानकारी*
दंतेवाड़ा, 04 मई 2025। ‘‘राज्य शासन द्वारा प्रदेश व्यापी सुशासन तिहार 2025 अंतर्गत प्रथम चरण में जिले से अब तक 37,363 आवेदन प्राप्त हुए है। इन आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा रहा है‘‘। संयुक्त जिला कार्यालय के सभागार में आयोजित आज प्रेसवार्ता के दौरान कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने मीडिया प्रतिनिधियों को इस तथ्य से अवगत कराया उन्होंने इस संबंध में आगे कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं, छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन की स्थापना को लेकर लगातार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शासन-प्रशासन के हर स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता आए, योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन हो, और इनका लाभ उन जरूरतमंद वर्गों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचे, जिनके लिए ये योजनाएं बनाई गई हैं। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य में ‘‘सुशासन तिहार‘‘-2025 का आयोजन किया जा रहा है। इस तिहार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान, शासकीय योजनाओं की समीक्षा और निगरानी, विकास कार्यों में तेजी लाना, और जनता, जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है। सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है। पहला चरण 08 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आयोजित हुआ। जिसमें आम जनता से उनकी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए हैं। ये आवेदन समाधान पेटी, शिविर और ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से लिए गए हैं। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखंड मुख्यालय स्तर पर की गई थी। इसके अलावा इस अवधि के दौरान हाट बाजारों में भी आवेदनों का संग्रह किया गया है।
कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में कुल 37,363 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कुल 33,362 आवेदनों को निराकरण किया जा चुका है। जिसमें शिकायतों की संख्या 671 है जिनमें से 594 प्राप्त शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है तथा मांग के कुल 36,692 आवेदनों में से 32,768 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। दूसरे चरण में इन प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड कर संबंधित विभाग, जनपद और नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजकर उनके गुणवत्तापूर्ण निराकरण की कार्रवाई की जा रही है। मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर निराकृत किया जा रहा है। काफी मांगें प्रधानमंत्री आवास योजना व उज्जवला योजना से सम्बन्धित हैं, जिनके बारे में राज्य सरकार भारत सरकार से अतिरिक्त लक्ष्य के लिए आग्रह कर रही है। इन योजनाओं में लक्ष्य प्राप्त होने पर आवेदकों की मांगें पात्रतानुसार निराकरण हो जायेगी। आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता की समीक्षा जिला और राज्य स्तर पर की जा रही है। तीसरे एवं अंतिम चरण की शुरुआत 05 मई से हो रही है, जो 30 मई तक चलेगा। इस दौरान जिले के 08 से 15 ग्राम पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। नगरीय निकायों में भी शिविर लगाए जाएंगे। जिले में कुल 23 ग्रामीण क्षेत्र में, 31 शहरी क्षेत्र में (कुल 54) समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, शिविरों की तारीख स्थानवार पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा इन शिविरों में आवेदकों को उनके आवेदनों पर की गई विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी दी जाएगी। शिविरों में नए आवेदन भी लिए जाएंगे, और जिन मामलों का समाधान वहीं संभव होगा, उनका मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। शिविरों में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित जानकारी प्रदर्शित की जाएगी, जैसेः- समाज कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, कौशल विकास एवं रोजगार, वन एवं जलवायु, आधार, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पशुपालन विभाग आदि। विभागीय अधिकारी समाधान शिविरों में विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे साथ ही हितग्राही मूलक योजनाओं के आवेदन पत्र, प्रपत्र भी उपलब्ध कराएंगे। समाधान शिविरों में विकासखंड एवं अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे, साथ ही इन षिविरों में जिला स्तर से भी कुछ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी तरह की व्यवस्था नगरीय निकायों के शिविरों मे भी रहेगी। तीसरे चरण के दौरान माननीय मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्रीगण, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी कुछ समाधान शिविरों में शामिल होंगे और आम जनता से सीधा संवाद करेंगे। माननीय मुख्यमंत्री के इन प्रवास के दौरान विकास कार्यों और योजनाओं का औचक निरीक्षण भी किया जायेगा और योजनाओं के जमीनी लाभ के बारे में फीडबैक भी वे लेंगे और मुख्यालय पर अधिकारियों के साथ उनकी समीक्षा बैठक भी होगी। जिसमें शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति, विभिन्न योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही कलेक्टर ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे समाधान शिविरों के प्रचार-प्रसार में सहभागिता देवें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। इस प्रेसवार्ता के अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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