तेन सिंह ठाकुर : बीमार सिस्टम का दर्दनाक सच, प्रशाशन के दावों की खुली पोल।
Ten Singh Thakur
Wed, Apr 29, 2026
बीमार सिस्टम का दर्दनाक सच, प्रशाशन के दावों का खुली पोल।
लकवाग्रस्त युवक को अस्पताल पहुंचाने खटिया में लादकर 19 किलोमीटर पैदल सफर कर सिस्टम पर सीधा तमाचा
जहां 21वीं सदी में भी एक लकवाग्रस्त युवक को एंबुलेंस नहीं,बल्कि खटिया नसीब होती है
मामला नारायणपुर और कांकेर जिले की सीमा से लगे बीनागुंडा गांव का है,जहां आज भी स्वास्थ्य सुविधाएं और सड़क दोनों नदारद हैं, लगातार गुहार करने के बावजूद तीन दिन तक एंबुलेंस नहीं मिली तब आखिरकार 20 ग्रामीणों ने 19 किलोमीटर तक मरीज को कंधे पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया ये कोई फिल्म का सीन नहीं ये हकीकत है,खटिया में बंधा ये युवक बिनागुंडा गांव का रहने वाला मर्रो पददा है,जिसे तीन दिन पहले लकवा मार गया,परिवार सुबह 7 बजे से 108 एंबुलेंस को फोन करता रहा…लेकिन सिस्टम सोता रहा जब कोई मदद नहीं मिली तो गांव के लोग खुद भगवान बन गए 20 लोगों ने खटिया उठाई और 19 किलोमीटर लंबा, जानलेवा सफर शुरू किया पहाड़ पथरीले रास्ते… और टूटती सांसों के बीच हर कदम एक जंग से लड़ रहे थे। चिलचिलाती धूप के बीच कंधे में लादकर छोटेबेटिया पहुंचे वहीं से छोटेबेठिया BSF कैंप से मदद मिली और फिर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया हैरानी की बात ये है कि इस इलाके में 108 एंबुलेंस सेवा अक्सर ठप रहती है,गांव तक सड़क नहीं स्वास्थ्य सुविधा नहीं…और जिम्मेदारों को कोई फर्क नहीं।बीमार सिर्फ मरीज नहीं पूरा सिस्टम है,सवाल ये है.... क्या अंदरूनी गांवों में जिंदगी की कोई कीमत नहीं है,क्या सरकार के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं,और आखिर कब तक मरीज खटिया पर और सिस्टम के पन्नों पर चलता रहेगा।
प्रधान संपादक
तेन सिंह ठाकुर
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