: बाल श्रम निषेध पर कार्यवाही,30 बच्चों को स्कूल न भेज खेती कार्य में भेजा जा रहा था जिन्हें बाल संरक्षण की टीम ने किया रेस्क्यू की गई कार्यवाही परिजनों को कार्यवाही कर बच्चों को सौंपा गया
Ten Singh Thakur
Sat, Jul 19, 2025
तेन सिंह ठाकुर
बाल श्रम निषेध पर कार्यवाही,30 बच्चों को स्कूल न भेज खेती कार्य में भेजा जा रहा था जिन्हें बाल संरक्षण की टीम ने किया रेस्क्यू की गई कार्यवाही परिजनों को कार्यवाही कर बच्चों को सौंपा गया
बाल श्रम को रोकने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं बावजूद इसके बाल श्रम के मामले समय समय पर सामने आते रहते हैं,
ऐसा नहीं है कि इसे रोकने प्रयास नहीं किए जाते,,लेकिन कई मामले ऐसे आते हैं जिसमें परिजनों के द्वारा ही समय समय पर बाल श्रम कराया जाता है,,ऐसा ही एक मामला सूरजपूर जिले के रामानुजनगर ब्लाक से सामने आया जहां खेत में धान की रोपाई करने के लिए नाबालिग बच्चियों को पिकप वाहन से ले जाया जा रहा था जिसमें से कई बच्चियां तो महज आठ से दस वर्ष की थी,,वही जब इस मामले की सुचना बाल संरक्षण टीम को मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंच बच्चियों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति लाया गया,,जहां बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर एस जयवर्धन के निर्देश पर लगातार बाल श्रम रोकने की कार्यवाही की जा रही है जहां आज अभियान के तहत महिला बाल विकास विभाग,श्रम विभाग व पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाकर रामेश्वरम गांव में स्कूल न जाकर रोपाई करने जा रही 30 बच्चियां जिसमें से प्राथमिक शाला की 12, माध्यमिक शाला की 10,व हाई स्कूल की 5 बच्चियों के साथ साथ 3 ऐसी बच्चियों को रेस्क्यू किया गया जों स्कूल ही नहीं जाती,,वही उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के शिक्षा के साथ उनके बेहतर भविष्य का निर्माण करना है,, और इस प्रकार के बाल श्रम को बढ़ावा देने वालों के उपर कार्यवाही करना है,,जहां आज इन बच्चियों के परिजनों को काउंसिलिंग करा बच्चियों को सौंपा गया है वही उन्हें भविष्य में ऐसा नहीं करने की समझाइश दी गई है,,वही इन बच्चियों से कार्य कराने वालों के उपर बाल कानून के तहत कार्यवाही भी कि जाएगी,,जहां बाल संरक्षण अधिकारी ने माना कि 3-4 सौ रुपए के लालच में छोटी छोटी बच्चियों को स्कूल न भेजकर परिजनों के द्वारा उन्हें रोपा लगाने भेजा जाता है,,वही उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही लगातार जारी रहेगी,,,
प्रधान सम्पादक
तेन सिंह ठाकुर
6264046084
बाल श्रम निषेध पर कार्यवाही,30 बच्चों को स्कूल न भेज खेती कार्य में भेजा जा रहा था जिन्हें बाल संरक्षण की टीम ने किया रेस्क्यू की गई कार्यवाही परिजनों को कार्यवाही कर बच्चों को सौंपा गया
बाल श्रम को रोकने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं बावजूद इसके बाल श्रम के मामले समय समय पर सामने आते रहते हैं,
ऐसा नहीं है कि इसे रोकने प्रयास नहीं किए जाते,,लेकिन कई मामले ऐसे आते हैं जिसमें परिजनों के द्वारा ही समय समय पर बाल श्रम कराया जाता है,,ऐसा ही एक मामला सूरजपूर जिले के रामानुजनगर ब्लाक से सामने आया जहां खेत में धान की रोपाई करने के लिए नाबालिग बच्चियों को पिकप वाहन से ले जाया जा रहा था जिसमें से कई बच्चियां तो महज आठ से दस वर्ष की थी,,वही जब इस मामले की सुचना बाल संरक्षण टीम को मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंच बच्चियों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति लाया गया,,जहां बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर एस जयवर्धन के निर्देश पर लगातार बाल श्रम रोकने की कार्यवाही की जा रही है जहां आज अभियान के तहत महिला बाल विकास विभाग,श्रम विभाग व पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाकर रामेश्वरम गांव में स्कूल न जाकर रोपाई करने जा रही 30 बच्चियां जिसमें से प्राथमिक शाला की 12, माध्यमिक शाला की 10,व हाई स्कूल की 5 बच्चियों के साथ साथ 3 ऐसी बच्चियों को रेस्क्यू किया गया जों स्कूल ही नहीं जाती,,वही उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के शिक्षा के साथ उनके बेहतर भविष्य का निर्माण करना है,, और इस प्रकार के बाल श्रम को बढ़ावा देने वालों के उपर कार्यवाही करना है,,जहां आज इन बच्चियों के परिजनों को काउंसिलिंग करा बच्चियों को सौंपा गया है वही उन्हें भविष्य में ऐसा नहीं करने की समझाइश दी गई है,,वही इन बच्चियों से कार्य कराने वालों के उपर बाल कानून के तहत कार्यवाही भी कि जाएगी,,जहां बाल संरक्षण अधिकारी ने माना कि 3-4 सौ रुपए के लालच में छोटी छोटी बच्चियों को स्कूल न भेजकर परिजनों के द्वारा उन्हें रोपा लगाने भेजा जाता है,,वही उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही लगातार जारी रहेगी,,,
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तेन सिंह ठाकुर
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