: लापरवाह शिक्षकों पर हो कठोर कार्यवाही ,महीना भर से नदारत है ड्यूटी से, घर बैठे तनख्वा का आनंद।
Ten Singh Thakur
Thu, Aug 7, 2025
तेन सिंह ठाकुर नारायणपुर
छत्तीसगढ़ में सरकार चाहे नौनिहालों का भविष्य गढ़ने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है ,लेकिन नारायणपुर जिला के अबूझमाड़ में नौनिहालों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी जिन पर हैं,वो खुद ही बहक चुके हैं.
स्कूल जब से खुला है तब से आज तक शिक्षकों दर्शन आज तक स्कूल में नहीं हुई हैं ।
[video width="848" height="478" mp4="https://cgfastnews24.com/storage/2025/08/VID-20250807-WA0089-1.mp4"][/video]
अब एक और मामला जुड़ चुका है. ये घटना है ओरछा ब्लॉक के फरसबेड़ा गांव की है ।
भगवान् भरोसे है बच्चों का भविष्य , क्या होगा इन नौनिहालों का। बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ अभियान को भी ठेंगा दिखाते है फरस बेड़ा के गुरुजी।
गांव में जब प्राथमिक शाला की स्थापना हुई थी तब ग्रामीणों में उम्मीद की लहर दौड़ गई थी. लोगों ने सोचा था कि अब उनके बच्चों को शिक्षा का उजाला मिलेगा.वे भी पढ़-लिखकर जिले और राज्य का नाम रोशन करेंगे. लेकिन ये सपने तब टूटने लगे जब बच्चों को सही रास्ता दिखाने वाले शिक्षक खुद ही रास्तों से मंजिल तक पहुँच नहीं पाते है ।
एक स्कूल में चार गुरुजी होने के बाद भी कभी स्कूल में नहीं पहुचे इन सब हरकतों से अभिभावक परेशान : प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक अधिकतर घर में बैटे बैठे सरकारी वेतन खा रहे हैं ।
कई बार शिक्षक की हरकतें इतनी आपत्तिजनक हो जाती हैं कि बच्चों के साथ ही महिला अभिभावक भी असहज महसूस करती हैं. शिक्षा विभाग की ओर से समय-समय पर मॉनिटरिंग और निरीक्षण की बात तो कही जाती है, लेकिन अबूझमाड़ में संचालित फरसबेड़ा स्कूल की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है.
अबूझमाड़ में बच्चों के भविष्य को अंधकार में झोंक रहे शिक्षक । प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा : इस पूरे मामले में ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से स्कूल में किसी भी उच्चाधिकारी का औचक निरीक्षण नहीं हुआ है. ऐसे में शिक्षक की लापरवाहियों को बढ़ावा मिल रहा है. जब इस विषय को लेकर मीडिया ने सवाल उठाया और मामले को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया, तब जाकर अधिकारियों की नींद टूटी. जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल ने कहा कि जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.वहीं ग्रामीणों का कहना है कि आखिर क्यों जब तक मामला मीडिया में ना आए तब तक शिक्षा विभाग कार्रवाई नहीं करेगी किया।
बाइट:- अशोक कुमार पटेल जिला शिक्षा अधिकारी नारायणपुर
प्रधान सम्पादक
तेन सिंह ठाकुर
6264046084
छत्तीसगढ़ में सरकार चाहे नौनिहालों का भविष्य गढ़ने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है ,लेकिन नारायणपुर जिला के अबूझमाड़ में नौनिहालों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी जिन पर हैं,वो खुद ही बहक चुके हैं.
स्कूल जब से खुला है तब से आज तक शिक्षकों दर्शन आज तक स्कूल में नहीं हुई हैं ।
[video width="848" height="478" mp4="https://cgfastnews24.com/storage/2025/08/VID-20250807-WA0089-1.mp4"][/video]
अब एक और मामला जुड़ चुका है. ये घटना है ओरछा ब्लॉक के फरसबेड़ा गांव की है ।
भगवान् भरोसे है बच्चों का भविष्य , क्या होगा इन नौनिहालों का। बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ अभियान को भी ठेंगा दिखाते है फरस बेड़ा के गुरुजी।
गांव में जब प्राथमिक शाला की स्थापना हुई थी तब ग्रामीणों में उम्मीद की लहर दौड़ गई थी. लोगों ने सोचा था कि अब उनके बच्चों को शिक्षा का उजाला मिलेगा.वे भी पढ़-लिखकर जिले और राज्य का नाम रोशन करेंगे. लेकिन ये सपने तब टूटने लगे जब बच्चों को सही रास्ता दिखाने वाले शिक्षक खुद ही रास्तों से मंजिल तक पहुँच नहीं पाते है ।
एक स्कूल में चार गुरुजी होने के बाद भी कभी स्कूल में नहीं पहुचे इन सब हरकतों से अभिभावक परेशान : प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक अधिकतर घर में बैटे बैठे सरकारी वेतन खा रहे हैं ।
कई बार शिक्षक की हरकतें इतनी आपत्तिजनक हो जाती हैं कि बच्चों के साथ ही महिला अभिभावक भी असहज महसूस करती हैं. शिक्षा विभाग की ओर से समय-समय पर मॉनिटरिंग और निरीक्षण की बात तो कही जाती है, लेकिन अबूझमाड़ में संचालित फरसबेड़ा स्कूल की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है.
अबूझमाड़ में बच्चों के भविष्य को अंधकार में झोंक रहे शिक्षक । प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा : इस पूरे मामले में ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से स्कूल में किसी भी उच्चाधिकारी का औचक निरीक्षण नहीं हुआ है. ऐसे में शिक्षक की लापरवाहियों को बढ़ावा मिल रहा है. जब इस विषय को लेकर मीडिया ने सवाल उठाया और मामले को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया, तब जाकर अधिकारियों की नींद टूटी. जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल ने कहा कि जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.वहीं ग्रामीणों का कहना है कि आखिर क्यों जब तक मामला मीडिया में ना आए तब तक शिक्षा विभाग कार्रवाई नहीं करेगी किया।
बाइट:- अशोक कुमार पटेल जिला शिक्षा अधिकारी नारायणपुर
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