अर्जुन देवांगन कि रिपोर्ट : अबूझमाड़ हॉफ पीस मैराथन दौड़ 31 जनवरी 2026 कि तैयारी शासन प्रशासन और जिले वासियों के द्वारा जोरो पर
Ten Singh Thakur
Sun, Jan 18, 2026
*अबूझमाड़ हॉफ पीस मैराथन 2026 की तैयारी के लिए शासन प्रशासन, से लेकर राजनीतिक पार्टियां, जिला व्यापारी संघ, सर्व समाज और जिले वासी सजग और तैयार है*
छत्तीसगढ़ राज्य का नारायणपुर जिला अबूझमाड़ के नाम से सुप्रसिद्ध है, बस्तर संभाग के सात जिलों में एक जिला नारायणपुर भी आता है, जहां पर घनघोर जंगल के साथ साथ माओवादी का डर बना रहता था, अबूझमाड़ को किसी पहचान की जरूरत नहीं है, अबूझमाड़ का सौंदर्य पूरे विश्व में प्रसिद्ध है, आदिवासी संस्कृति का जीता जागता उदाहरण है अबूझमाड़।
सदियों से जंगलों में निवास करने वाले आदिवासी समाज के द्वारा अपने समाज और संस्कृति को जिंदा रखने के लिए आज के आधुनिक दुनियां में संघर्ष करते हुए भी अपनी संस्कृति को विलुप्त होने से बचाए रखा है। यहां के मूलनिवासियों के द्वारा।
31 जनवरी 2026 को अबूझमाड़ मैराथन दौड़ की तैयारी को लेकर शासन प्रशासन से लेकर राजनीतिक पार्टियां, समाज प्रमुखों के द्वारा जोर शोर से तैयारी चल रही है। ताकी पिछले कई वर्षों से हो रहे इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कोई कमी न रह जाए। उसके लिए रोजाना कुछ न कुछ कार्यक्रम के साथ आज 18 जनवरी को स्कूल ग्राउंड में जिला नारायणपुर के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूरे जिला नारायणपुर के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
आज के कार्यक्रम में जिला नारायणपुर के चौक चौराहों पर लगे दीवारों पर पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन अबूझमाड़ हॉफ पीस मैराथन के द्वारा करवाया जा रहा है। जिसमें सभी नारायणपुर जिले के वासियों के द्वारा बच्चे, युवा, छात्र छात्राएं, पेंटर एवं जो पेंटिंग के शौक रखने वाले पेंटरों के द्वारा इस आयोजन में भाग लेकर अपनी कला को दीवारों में अंकित किया जा रहा है, जिससे नारायणपुर जिला के चौक चौराहों की सुंदरता भी बढ़ गई है।
देश विदेश से भी अबूझमाड़ हॉफ पीस मैराथन दौड़ में भाग लेने के लिए अबूझमाड़ के जिला नारायणपुर में हजारों की संख्या में आते है। जिससे नारायणपुर की सुंदरता का और अबूझमाड़ के संस्कृति का व्याख्यान करने के लिए बाहर से आने वालों को यहां की सुंदरता का आनंद ले सके। ताकि उनके द्वारा अबूझमाड़ कहलाने वाला नारायणपुर जिला को भी दार्शनिक स्थल के रूप में जाना जा सके।
*हमारा बस्तर संभाग में जिला नारायणपुर में भी दार्शनिक स्थलों की कमी नहीं है।*
बस्तर संभाग में दार्शनिक स्थलों की कमी नहीं है चित्रकूट जलप्रपात, मां दंतेश्वरी, तीरथ गढ़ जैसे है,वैसे ही जिला नारायणपुर में अबूझमाड़ क्षेत्र में कच्चपाल, हांदावाड़ा ओरछा, कुतुल,सोनपुर के जंगलों की खुबसूरती इतनी अच्छी है कि मानो स्वर्ग सा अनुभव होता है।
बस्तर संभाग हेड
अर्जुन देवांगन
9424287527
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन