: बिंजली में आस्था एवं उल्लास के साथ शुरू हुआ बड़ बुन्दीन माता मेला
Fri, Apr 25, 2025
तेन सिंह ठाकुर
बिंजली में आस्था एवं उल्लास के साथ शुरू हुआ बड़ बुन्दीन माता मेलामेेले मेें भव्यता के साथ हुआ देव परिक्रमा एवं समागमग्रामीणों द्वारा परंपरागत तरीके से किया गया देव विग्रहों की अगवानीनारायणपुर, 25 अप्रैल 2025// जिले की लोक संस्कृति, देव मान्यता एवं परंपरा का प्रतीक बड़ बुन्दीन माता मेला का पूरी श्रद्धा आस्था एवं उल्लास के साथ 25 अप्रैल को जिले के ग्राम बिंजली में आगाज हुआ। इस क्रम में मेले का विधिवत शुरूवात बड़ बुन्दीन माता मंदिर में पारंपरिक पूजा अर्चना परघाव के साथ हुआ। यहां आस पास के ग्रामों के स्थानीय देवी देवताओं के समागम के साथ मेला स्थल मे तीन परिक्रमा की रस्म पूरी की गई। इस रस्म के दौरान जगह जगह ग्रामीणों द्वारा सभी देवी देवताओं का विग्रहों के प्रतीक स्वरूप डंगई, लाठ, डोली, छत्र की पारंपरिक पूजा अर्चना किया गया। समागम स्थल में शीतला माता, कोकोड़ी करीन, कंकालीन माता, कोट गुड़ीन सहित स्थानीय देवी देवताओं के आगमन से उपस्थित जनमानस श्रद्धा और आस्था से भाव विभोर हो गया। इनके साथ सिरहा, पुजारी एवं गायता भी मौजूद थे।बड़ बुन्दीन माता मेला इस क्षेत्र का बड़ा लोकोत्सव है अतः इस वर्ष भी मेले की रौनक को चार चांद लगाने के लिए दैनिक उपयोगी के वस्तुओं, फैन्सी दुकान, मिष्ठान दुकानों से मेला स्थल पूरी तरह से सजा हुआ है और लोगो की भारी भीड़ उमड़ रही है। ग्राम पंचायत द्वारा भी मेले स्थल मे सभी आवश्यक व्यवस्था जैसे पार्किंग, पेयजल, विद्युत, सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किये गये है।प्रधान सम्पादकतेन सिंह ठाकुर6264046084
: मुख्यमंत्री ने किया 'बस्तर पंडुम 2025' का लोगो अनावरण*
Thu, Mar 13, 2025
तेन सिंह ठाकुर
मुख्यमंत्री ने किया 'बस्तर पंडुम 2025' का लोगो अनावरण*
बस्तर में शांति स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा बस्तर पंडुम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बस्तर के असल जीवन को करीब से जानने-समझने का मिलेगा अवसर बस्तर पंडुम 2025: लोकसंस्कृति और परंपराओं का भव्य उत्सव बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की अनूठी पहल है बस्तर पंडुम रायपुर, 12 मार्च 2025/ बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया और यह बातें कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। श्री साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री किरण देव, विधायक सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य मौजूद रहे। *बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगो* बस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है। "बस्तर पंडुम" गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है। नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन ‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षण बस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।प्रधान सम्पादकतेन सिंह ठाकुर6264046084
: माता मावली मेला में अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी की प्रस्तुति ने बटोरी सुर्खियां
Tue, Feb 25, 2025
तेन सिंह ठाकुर
माता मावली मेला में अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी की प्रस्तुति ने बटोरी सुर्खियां मल्लखंब अकादमी के लिए सांसद कश्यप ने की 20 लाख की घोषणा नारायणपुर, 24 फरवरी 2025 // माता मावली मेला 2025 का अंतिम दिन अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी के कलाकारों के लिए खास बन गया। जिन कलाकारों को नारायणपुरवासियों ने अब तक सिर्फ टीवी पर देखा था, उन्हें अपने सामने प्रदर्शन करते देख हर कोई गर्व और खुशी से अभिभूत हो गया। मेला प्रबंधन ने बताया कि ऐसी भीड़, जो अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी की प्रस्तुति देखने के लिए उमड़ी, पहले कभी नहीं देखी गई। मल्लखंब के हैरतअंगेज करतबों ने दर्शकों को इतना रोमांचित किया कि कुछ देर के लिए मेला परिसर के झूले तक खाली हो गए। हर कोई मंच के सामने पहुंचकर कलाकारों के अद्भुत कौशल को निहारने लगा।इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में माननीय सांसद लोकसभा क्षेत्र बस्तर श्री महेश कश्यप शामिल हुए। इस दौरान कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत सीईओ सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्र प्रसाद बघेल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री राजेंद्र सिंह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री आशीष कोर्राम सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नगरवासी इस अविस्मरणीय पल के साक्षी बने।कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि माननीय सांसद श्री महेश कश्यप ने अबूझमाड़ मल्लखंब एंड स्पोर्ट्स अकादमी के लिए सांसद निधि से 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस घोषणा से कलाकारों और उपस्थित लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। अपनी प्रस्तुति के अंत में अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी के कलाकारों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, वन मंत्री श्री केदार कश्यप एवं सांसद लोकसभा क्षेत्र बस्तर श्री महेश कश्यप का निरंतर सहयोग करने हेतु आभार व्यक्त किया एवं धन्यवाद दिया। उन्होंने नारायणपुर की जनता और सभी अतिथियों का भी आभार व्यक्त किया। यह क्षण अकादमी के लिए न केवल गर्व का विषय बना, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी खेल और संस्कृति के प्रति प्रेरित करने वाला साबित हुआ। वि
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प्रधान सम्पादकतेन सिंह ठाकुर