: ब्लॉक स्तरीय दो दिवसीय ‘’बस्तर पंडुम‘’ का हुआ समापन* *बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मिला समुचित मंच*
Wed, Mar 19, 2025
रचना ठाकुर की रिपोर्ट
*ब्लॉक स्तरीय दो दिवसीय ‘’बस्तर पंडुम‘’ का हुआ समापन*
*बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मिला समुचित मंच*
*25 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों ने बस्तर पंडुम में लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा**21 मार्च को होगा एक दिवसीय जिला स्तरीय ‘’बस्तर पंडुम‘’*
दंतेवाड़ा, 19 मार्च 2025। दंतेवाड़ा जिले में ब्लॉक स्तरीय दो दिवसीय बस्तर पंडुम का बुधवार को समापन हुआ। कार्यक्रम के समापन के अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मंच प्रदान किया जाता है, जिससे स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिलती है। इस उत्सव में विभिन्न जनजातीय समूह अपनी कला और परंपराओं का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे न केवल सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। दंतेवाड़ा जिले के चारों ब्लॉक में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों, जनजातीय समुदायों और सांस्कृतिक प्रेमियों का उत्साह देखते ही बनता है। बस्तर पंडुम, न केवल संस्कृति को सहेजने का प्रयास है बल्कि सामाजिक एकता और पारंपरिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। जिले के सभी विकासखंड में ‘’बस्तर पंडुम‘’ के तहत लगभग 25 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर उत्साहपूर्वक भाग लिया।उल्लेखनीय है कि ’’बस्तर पंडुम 2025’’ के अन्तर्गत प्रतियोगिताओं की जो विधाएं शामिल की गई । उनमें जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माडि़या, ककसाड़, मांदरी, दण्डामी, एबालतोर, दोरला, पेंडुल, हुलकीपाटा, परब, घोटुलपाटा, कोलांगपाटा, डंडारी, देव कोलांग, पूस कोलांग, कोकरेंग सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत-घोटुल पाटा, लिंगोपेन, चौतपरब, रिलो, लेजा, कोटनी, गोपल्ला, जगारगीत, धनकुल, मरमपाटा, हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि) जनजातीय नाट्यश्रेणाी में माओपाटा, भतरा नाट्य जिन्हें लय एवं ताल, संगीत कला, वाद्य यंत्र, वेषभूषा, मौलिकता, लोकधुन, वाद्ययंत्र, पारंपरिकता, अभिनय, विषय-वस्तु, पटकथा, संवाद, कथानक के मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, बवासी, तिरडुड्डी, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुडाबाजा, चिकारा शामिल रहे। जिन्हें संयोजन, पारंगता, प्रकार, प्राचीनता के आधार पर अंक दिए गए। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, द्वार, नकबेसर जैसे आभूषण में एकरूपता, आकर्षकता, श्रृंगार, पौराणिकता को महत्व दिया गया। जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला का प्रदर्शन विधा के अंतर्गत घडवा, माटी कला, काष्ठ, पत्ता, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कोड़ी शिल्प. बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन प्रस्तुतियां हुई। साथ ही जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन-सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, हंडिया, पेज, कोसरा, मडि़या पेज, चापड़ा चटनी (चींटी की चटनी), अमारी शरबत एवं चटनी के बनाने की विधि स्वाद, प्रकार का प्रस्तुतिकरण ’’बस्तर पंडुम 2025’’ के मुख्य आकर्षण रहे। इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार भी दिया गया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।जिला ब्यूरो प्रमुख दंतेवाड़ारचना ठाकुर7000297169
: दन्तेवाड़ा जिले में चलाये जा रहे लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान से प्रभावित होकर 01 ईनामी माओवादी सहित 02 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण।
Wed, Mar 19, 2025
रचना ठाकुर की रिपोर्टजिला दक्षिण बस्तर दन्तेवाड़ादिनांक 19.03.2025
दन्तेवाड़ा जिले में चलाये जा रहे लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान से प्रभावित होकर 01 ईनामी माओवादी सहित 02 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण।
🟣आत्मसमर्पित माओवादी सुपा ओयमा तिमेनार डीएकेएमएस अध्यक्ष (02 लाख ईनामी) के पद पर था सक्रिय।🟣आत्मसमर्पित माओवादी टेमो उर्फ हेमसिंग ठाकुर जैगूर आरपीसी मिलिशिया सदस्य के पद पर था सक्रिय।🟣आत्मसमर्पित माओवादी हत्या, रोड खोदने व आगजनी करने जैसी घटनाओं में था शामिल। जिला दन्तेवाड़ा में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुन्दरराज पी0 (भा.पु.से.), पुलिस उप महानिरीक्षक दन्तेवाड़ा रेंज श्री कमलोचन कश्यप (भा.पु.से.), पुलिस उप महानिरीक्षक (परि0) सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा रेंज श्री राकेश कुमार, पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा श्री गौरव राय (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री स्मृतिक राजनाला (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा कुमार (भा.पु.से.) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा श्री रामकुमार बर्मन (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान तथा छ0ग0 शासन की ‘‘पुनर्वास नीति’’ के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद कर शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गाॅव-गाॅव तक किया जा रहा है, इसके प्रभाव में लगातार शीर्ष माओवादियों सहित भटके हुए माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जा रहा है। नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा, माओवादी संगठनों के भीतर आंतरिक मदभेद और जंगलो में रहने की कठिनाईयों सेे तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज के मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प करके क्रमशः 1. तिमेनार डीएकेएमएस अध्यक्ष सुपा राम ओयाम पिता बुधरू उर्फ आंबा ओयाम उम्र लगभग 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी तिमेनार स्कूलपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर (02 लाख ईनामी) एवं 2. जैगूर आरपीसी मिलिषिया सदस्य टेमो उर्फ हेमसिंग ठाकुर पिता स्व0 ईश्वर ठाकुर उम्र लगभग 24 वर्ष जाति धाकड़ निवासी जैगूर स्कुलपारा थाना कुटरू जिला बीजापुर ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान के तहत दिनांक 19.03.2025 को पुलिस महानिरीक्षक केरिपु सीजी सेक्टर छ0ग0 रायपुर राकेश अग्रवाल (भा.पु.से.), उप महानिरीक्षक दन्तेवाड़ा रेंज श्री कमलोचन कश्यप (भा.पु.से.), पुलिस उप महानिरीक्षक (परि0) सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा रेंज श्री राकेश कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक केरिपु आॅप्स बीजापुर सेक्टर श्री देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा श्री गौरव राय (भा.पु.से.), कमाण्डेंट 199 वीं वाहिनी सीआरपीएफ श्री आनंद कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री स्मृतिक राजनाला (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा कुमार (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा श्री रामकुमार बर्मन (रा.पु.से.) उप कमाण्डेंट (आसूचना शाखा) श्री विमल कुमार सीआरपीएफ रेंज दन्तेवाड़ा के समक्ष डीआरजी कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया। उक्त माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में सीआरपीएफ 199वीं वाहिनी भैरमगढ़ एवं आरएफटी सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा का विशेष योगदान रहा। आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत् 25 हजार रूपये की सहायता राशि के साथ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधायें जैसे 10,000 रूपये की मासिक आर्थिक सहायता, 03 वर्ष तक निःशुल्क आवास तथा भोजन, स्किल डेवलपमेंट हेतू प्रशिक्षण, कृषि भूमि इत्यादि मुहैया कराई जाएगी।(लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 218 ईनामी सहित कुल 906 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं)जिला ब्यूरो प्रमुख दंतेवाड़ारचना ठाकुर7000297169