Thu 06 Aug 2026

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रचना ठाकुर दंतेवाडा की रिपोर्ट : मछली पालन से बदली कृषक हड़मा कोड़ोपी की जिंदगी,प्रधानमंत्री धन धान्य योजना ने दी नई दिशा

मछली पालन से बदली कृषक हड़मा कोड़ोपी की जिंदगी ,प्रधानमंत्री धन धान्य योजना ने दी नई दिशा

दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखंड के ग्राम समेली के कृषक श्री हड़मा कोड़ोपी ने प्रधानमंत्री धन धान्य योजना और मछली पालन विभाग की तकनीकी सहायता का लाभ लेकर अपनी आजीविका को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है। वर्षों पहले उन्होंने अपनी निजी भूमि के आधा एकड़ रकबा में तालाब निर्माण कर पारंपरिक तरीके से मछली पालन शुरू किया था। लेकिन प्रधानमंत्री धन धान्य योजना के अंतर्गत आय के विविधीकरण और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के प्रोत्साहन ने उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ लाया। मछली पालन विभाग से जुड़ने के बाद श्री कोड़ोपी को उन्नत तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक मछली पालन के बारे में विस्तृत जानकारी मिली। विभागीय सहयोग से उन्होंने 0.10 हेक्टेयर रकबा में पोण्ड लाइनर का निर्माण कराया, जिसने उनके उत्पादन और आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की। पोण्ड लाइनर तकनीक से जल संरक्षण, मछलियों की तेज वृद्धि, बेहतर गुणवत्ता और रोगों की रोकथाम में काफी मदद मिली, जिससे उनका उत्पादन क्षमता पारंपरिक तालाब की तुलना में कई गुना बढ़ गई।

उन्नत पद्धतियों के परिणामस्वरूप श्री कोड़ोपी को अपने निजी तालाब से प्रतिवर्ष लगभग एक लाख रुपये की आमदनी होने लगी, वहीं पोण्ड लाइनर से उन्हें दो लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार कुल तीन लाख रुपये की वार्षिक आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। आज वे स्थायी और मजबूत आय स्रोत के साथ आत्मनिर्भर जीवन-यापन कर परिवार को खुशहाली की ओर अग्रसर कर चुके हैं। योजना के अंतर्गत उन्हें मत्स्याखेट उपकरण, आइस बॉक्स और मछली बीज जैसी कई सुविधाएँ भी प्राप्त हुईं, जिससे उनके व्यवसाय को और मजबूती मिली। श्री कोड़ोपी बताते हैं कि अगर उन्हें समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलता, तो वे आज इस स्तर की प्रगति नहीं कर पाते। मछली पालन को अपनाकर श्री हड़मा कोड़ोपी न केवल अपने परिवार की आर्थिक उन्नति कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। प्रधानमंत्री धन धान्य योजना और विभागीय सहयोग ने यह साबित किया है कि सहज उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।..

रचना ठाकुर

ब्यूरो चीफ दंतेवाडा

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