तेन सिंह ठाकुर : करोड़ों डकार गया दलपत सागर: सफाई के नाम पर सिर्फ कागज साफ, जगदलपुर की पहचान बना जलकुंभी का जंगल
Ten Singh Thakur
Sun, May 17, 2026
करोड़ों डकार गया दलपत सागर: सफाई के नाम पर सिर्फ कागज साफ, जगदलपुर की पहचान बना जलकुंभी का जंगल
*बस्तर का मरीन ड्राइव अब पॉलिथीन-बीयर बोतलों का तैरता कचरा; 400 साल पुरानी धरोहर जलीय पौधों से पटा
बस्तर का मरीनड्राइव कहे जाने वाले ऐतिहासिक दलपत सागर की सफाई के नाम पर नगर निगम और स्मार्ट सिटी ने करोड़ों रुपये पानी में बहा दिए हकीकत यह है कि दलपत सागर आज जलकुंभी, कचरा और पॉलिथीन का जंगल बन चुका है।
400 साल पुरानी धरोहर अब जलकुंभी से पटी
करीब 400 साल पुराना यह ऐतिहासिक तालाब अब जलीय खरपतवार और जलकुंभी से इस कदर पट गया है कि पानी दिखना बंद हो गया है। किनारों पर पॉलिथीन, बीयर की बोतलें और शहर का कचरा तैर रहा है। पर्यटन और नौका विहार के नाम पर करोड़ों खर्च हुए, लेकिन दलपत सागर की सूरत नहीं बदला
कागजों में सफाई, जमीन पर गंदगी
नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पिछले कुछ सालों में दलपत सागर की सफाई, सौंदर्यीकरण और संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये के टेंडर निकाले गए कागजों में मशीनें चला मजदूर लगे, जलकुंभी निकाला गया लेकिन धरातल पर दलपत सागर आज भी जलकुंभी का जंगल बना हुआ है जलकुंभी और कचरे से तालाब में बदबू फैल रहा है आसपास के वार्डों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है मलेरिया-डेंगू का खतरा मंडरा रहा है कभी जगदलपुर की शान रहा दलपत सागर अब बीमारी का घर बनता जा रहा है
जब करोड़ों डकार गए, तो दलपत सागर आज भी जलकुंभी का जंगल क्यों बना हुआ है बस्तर का मरीन ड्राइव अब गंदगी की मिसाल बनता जा रहा है।
प्रधान संपादक
तेन सिंह ठाकुर
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन