Fri 07 Aug 2026

ब्रेकिंग

शिक्षा विभाग की आदेश की औहेलना अटैचमेंट समाप्त होने के बाद भी मूल पदस्थापन से दूर शिक्षक -फूलसिंग कचलाम

नारायणपुर से डोंगर रोड कि खस्ताहल सडक निर्माण कार्य को तीव्र गति करने परिवहन संघ, निको, और PWD कि बैठक में चर्चा

रावघाट बीएसपी प्रबंधन की मनमानी नही चलेगी बिना व्यवस्था किये माइंस चलाना बंद करे-नरेन्द्र नाग

आयुर्वेद शिरोमणि आचार्य बालकृष्ण का जन्म दिवस"जड़ी- बूटी दिवस" के रूप में मनाया गया।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना बनी श्रमिक परिवारों के सपनों की उड़ान,बीजापुर के मेधावी बच्चों का उच्च विद्यालयों में चयन

अर्जुन देवांगन क़ि रिपोर्ट : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने छत्तीसगढ़ बजट 2026 को बताया जन-विरोधी, कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा देने का आरोप-फूलसिंग कचलाम

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने छत्तीसगढ़ बजट 2026 को बताया जन-विरोधी, कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा देने का आरोप — नारायणपुर (राज्यभूमि)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के छत्तीसगढ़ राज्य सह सचिव फुलसिंग कचलाम ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 को जन-विरोधी और पूंजीपरस्त नीतियों का प्रतिबिंब बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट किसानों, मजदूरों, आदिवासियों और युवाओं की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी करता है तथा बड़े कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने की दिशा में केंद्रित है।कचलाम ने कहा कि किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी के साथ नारायणपुर जिले के समस्त धान खरीदी केंद्रों में समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी नहीं हो रही है। इसके लिए राज्य सरकार को पर्याप्त बजट आबंटन कर खरीदी सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा बीज सब्सिडी में वृद्धि जैसे मुद्दों पर बजट में ठोस प्रावधान नहीं किए गए हैं। मजदूर वर्ग के लिए न्यूनतम वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा संबंधी घोषणाएं भी अपेक्षित स्तर पर नहीं हैं।

उन्होंने विशेष रूप से राज्य के पिछड़े क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान न होने पर चिंता जताई। आदिवासी समुदायों के वनाधिकार, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में भी बजट को कमजोर बताया गया।

युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा स्थानीय स्तर पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के संबंध में बजट में स्पष्ट और ठोस रणनीति का अभाव है। पार्टी का आरोप है कि बड़े उद्योगों को प्रोत्साहन और कर रियायतें दी जा रही हैं, जबकि सामाजिक क्षेत्र के बजट में अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई है।

साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रतिदिन लगभग 25 करोड़ रुपये की शराब बिक्री की जा रही है तथा दिसंबर से जनवरी के त्योहारों के दौरान यह आंकड़ा प्रतिदिन लगभग 100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है, इसके बावजूद नशा मुक्ति केंद्रों के लिए मात्र 20 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस प्रकार की नीति से समाज को नशे की ओर धकेला जा रहा है।

भाकपा ने इस बजट के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चलाने तथा किसानों, मजदूरों, आदिवासियों और युवाओं को संगठित करने का आह्वान किया है।

जारीकर्ता:

फुलसिंग कचलाम

राज्य सह सचिव, छत्तीसगढ़

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी

बस्तर संभाग

अर्जुन देवांगन

9424287527

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन