प्रमोद कुमार नाग सुकमा : कुख्यात माओवादी हिड़मा और पत्नी राजे की अंतिम बिदाई देने पहुंचे हजारों ग्रामीण।
Ten Singh Thakur
Fri, Nov 21, 2025
कुख्यात माओवादी हिड़मा और पत्नी राजे की अंतिम बिदाई देने पहुंचे हजारों ग्रामीण।
छत्तीसगढ़ आंध्र प्रदेश बॉर्डर हुई मुठभेड़ में मारे गए नक्सली माड़वी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे का अंतिम संस्कार गुरुवार को दक्षिण सुकमा के पूवर्ती गांव में किया गया। दोनों को ग्रामीण परंपराओं के अनुसार अंतिम विदाई दी गई, जिसमें आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।काले कपड़ों में हिड़मा, लाल जोड़े में राजे।अंतिम यात्रा से पहले हिड़मा के शव पर काली पैंट–शर्ट पहनाई गई, जबकि उसकी पत्नी राजे को लाल जोड़े से सजाया गया। सैकड़ों ग्रामीण रोते-बिलखते दोनों की अंतिम यात्रा में शामिल हुए और गांव के नजदीकी जंगल में दोनों को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई।सोनी सोढ़ी पहुंचीं, हिडमा के शव से लिपटकर रोईंआदिवासी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोढ़ी भी हिडमा को श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। वे शव से लिपटकर रोती हुई दिखाई दीं, जिससे माहौल भावुक हो गया।कौन था माड़वी हिड़मा?हिड़मा का जन्म दक्षिण सुकमा के पूवर्ती गांव में एक आदिवासी परिवार में हुआ था। 16 वर्ष की उम्र में वह नक्सल संगठन से जुड़ गया। नक्सली शिक्षा और सांस्कृतिक इकाई के माध्यम से उसने पढ़ना, लिखना और वादन सीख लिया। ट्रेनिंग के बाद उसकी पहली नियुक्ति महाराष्ट्र के गढ़चिरौली इलाके में हुई।सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य।हिड़मा पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PGLA) की बटालियन-1 का चीफ था और डीकेएसजेड (DKSZ) का भी सदस्य था। वह CPI (माओवादी) की 21 सदस्यीय सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य माना जाता था।
रमन्ना की मौत के बाद शीर्ष कमांडर बनाया गया कई बड़े नक्सली हमलों में हिडमा की सीधी भूमिका रही—
झीरम घाटी हमला ,बुरकापाल हमला,बीजापुर हमला प्रमुख हमलों मे दंतेवाड़ा हमला (जिसमें 76 जवान शहीद हुए)।2019 में रमन्ना की मौत के बाद उसे शीर्ष कमांडर की जिम्मेदारी दी गई थी। इन घटनाओं में रहा शामिल दंतेवाडा कलेक्टर का अपहरण ,धर्माराम शिविर हमला ,पिडमेल घटना,इंजराम हमला,अर्राबोर राहत शिविर हमला,टोंगगुड़ा नाला घटना।
ब्यूरो चीफ सुकमा प्रमोद कुमार नाग
प्रधान संपादक तेन सिंह ठाकुर
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