Thu 18 Jun 2026

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: सैकड़ो वर्ष  प्राचीन मूर्ति भगवान श्री गणेश व मां दुर्गाजी की खोज खबर ले सरकार। पुरातत्व भी उदासीन।

तेन सिंह ठाकुर सैकड़ो वर्ष  प्राचीन मूर्ति भगवान श्री गणेश व मां दुर्गाजी की खोज खबर ले सरकार। पुरातत्व भी उदासीन। [video width="1920" height="1080" mp4="https://cgfastnews24.com/storage/2025/08/video_20250830_122746.mp4"][/video] नारायणपुर कोंडागांव जिले की सीमा में स्थित ग्राम राजबेड़ा में  सैंकड़ों वर्ष प्राचीन मूर्ति भगवान श्री गणेश और दुर्गा जी की स्थापित है, आदिवासी समुदाय के लिए ये एक आस्था केंद्र है, गांव वालों का मानना है कि इन मूर्तियो का आकार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, राजबेड़ा का मंदिर अपनी पहचान से जूझ रहा है ,शासन प्रशासन की अनदेखी और पुरातत्व विभाग का सुध ना लेना आश्चर्य का विषय है।,गांव वाले जन सहयोग से रुपया इकट्ठा कर इस मंदिर को बनवाए हैं, अब तक इनको किसी भी तरह से सरकारी मदद नहीं मिली है, इन मूर्तियों का रख रखाव व संरक्षण यहां के स्थानीय ग्रामीण ही कर रहे हैं, यहां प्रति सोमवार पूजा अर्चना की जाती है, ग्रामीणों का मानना है कि लोग यहां पर संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर आते है गणेश जी के आशीर्वाद से लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है, इसके अच्छे रख रखाव के लिए गांव वालों ने कई बार जनप्रतिनिधियों ,अधिकारियों को ज्ञापन एवं मौखिक रूप से सूचना दी पर आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, राजबेड़ा मंदिर पहुंचने के लिए जिला मुख्यालय नारायणपुर से दंडवन होते हुए लगभग 30 किलोमीटर दूरी तय कर राज पहुंचा जा सकता है, पीढ़ी दर पीढ़ी इस मूर्ति की पूजा गांव वालों के द्वारा की जा रही है,गांव वालों को कहना है पहले यह क्षेत्र बस्तर जिला हुआ करता था जब इसकी सूचना तहसीलदार को पड़ी तो उन्होंने इस मूर्ति को कोंडागांव लाने का आदेश दिया, ले जाते वक्त बैलगाड़ी से के पहिए टूट गए , गाड़ी कीचड़ में फंस गई बड़ी मुश्किल से इसको कोंडागांव ले जाया गया था , जबरदस्ती ले जाने से वहां अनहोनी घटना होनी चालू हो गई , लोग बीमार पड़ने लगे,तहसीलदार का बेटा भी अकाल मृत्यु से खत्म हो गया, तत्पश्चात तहसीलदार ने वापस मूर्ति को राजबेड़ा ले जाने का आदेश दिया था, गणेश चतुर्थी में श्रद्धालुओं का यहां अभी आ जाना लगा रहता है, आसपास के इलाकों का यह एक आस्था का प्रमुख केंद्र है, सरकार ध्यान दे तो राजबेड़ा का यह प्राचीन गणेश जी एवं दुर्गा जी की मूर्ति लोगों के लिए दर्शनीय और पर्यटक केंद्र के रुप मे विकसित हो सकती है प्रधान सम्पादक तेन सिंह ठाकुर 6264046084

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