: राजनांदगांव के होनहार महेंद्र धुर्वे को मिला भारत की अंदर 19 वॉलीबॉल टीम की कमान ।
Ten Singh Thakur
Sat, Jun 14, 2025
तेन सिंह ठाकुर
राजनांदगांव के होनहार महेंद्र धुर्वे को मिला भारत की अंदर 19 वॉलीबॉल टीम की कमान ।
होनहार महेंद्र धुर्वे अपने खेल जीवन की शुरुआत स्कूल के समय से ही कर दी थी अच्छे कोच के मार्गदर्शन में खेल को निरंतर निखारता रहा, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने प्रतिभा का परिचय दिया । किसान परिवार से तालुक रखने वाले धर्मपाल धुर्वे और माता संध्या धुर्वे के पुत्र है , बालीबाल के प्रति आकर्षण बचपन से ही था महेंद्र धुर्वे के माता संध्या धुर्वे भी वॉलीबॉल की खिलाड़ी रही है। माता-पिता, गुरुजनों एवं मित्रों के प्रोत्साहन साथ ही घंटो अथक परिश्रम का ही परिणाम के कारण छतीशगढ़ की खेल प्रतिभा को वैश्विक मंच पर अलग पहचान दिलाई, राष्ट्रिय एवं अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला जिसमें सी ए वी ए चैंपियनशिप भी शामिल है, महेंद्र धुर्वे प्रदेश की युवाओं के प्रेरणा श्रोत बन कर उभर रहे हैं।
प्रधान संपादक
तेन सिंह ठाकुर
6264046084
राजनांदगांव के होनहार महेंद्र धुर्वे को मिला भारत की अंदर 19 वॉलीबॉल टीम की कमान ।
होनहार महेंद्र धुर्वे अपने खेल जीवन की शुरुआत स्कूल के समय से ही कर दी थी अच्छे कोच के मार्गदर्शन में खेल को निरंतर निखारता रहा, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने प्रतिभा का परिचय दिया । किसान परिवार से तालुक रखने वाले धर्मपाल धुर्वे और माता संध्या धुर्वे के पुत्र है , बालीबाल के प्रति आकर्षण बचपन से ही था महेंद्र धुर्वे के माता संध्या धुर्वे भी वॉलीबॉल की खिलाड़ी रही है। माता-पिता, गुरुजनों एवं मित्रों के प्रोत्साहन साथ ही घंटो अथक परिश्रम का ही परिणाम के कारण छतीशगढ़ की खेल प्रतिभा को वैश्विक मंच पर अलग पहचान दिलाई, राष्ट्रिय एवं अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला जिसमें सी ए वी ए चैंपियनशिप भी शामिल है, महेंद्र धुर्वे प्रदेश की युवाओं के प्रेरणा श्रोत बन कर उभर रहे हैं।
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