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प्रमोद कुमार नाग सुकमा : संवेदना से शांति की ओर: सुकमा में पुनर्वास मॉडल बना मिसाल

संवेदना से शांति की ओर: सुकमा में पुनर्वास मॉडल बना मिसाल

जिला जेल में 25 आत्मसमर्पित नक्सलियों की परिजनों से मुलाका।सुकमा। जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को मानवीय और प्रभावी रूप देने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक सराहनीय कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व तथा कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव व पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने 25 आत्मसमर्पित माओवादियों को जिला जेल सुकमा में उनके परिजनों से मिलने का अवसर प्रदान किया।गृहमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा हाल ही में पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान परिजनों से मुलाकात कराने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने 25 आत्मसमर्पित व्यक्तियों की परिजनों से भेंट सुनिश्चित की। वर्षों बाद अपने परिवार को देखकर कई पूर्व नक्सली भावुक हो उठे। माता-पिता, भाई-बहन और बच्चों से मिलने का अवसर पाकर उनके चेहरों पर उम्मीद और आत्मविश्वास झलक उठा।परिजनों ने कहा कि प्रशासन की यह पहल उनके प्रियजनों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेगी। जिला प्रशासन के अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सलियों को परिवार और समाज से जोड़ना पुनर्वास प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, जो उनमें सुरक्षा, विश्वास और मानसिक मजबूती विकसित करता है।मुलाकात के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी और अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम की स्वयं निगरानी की। दिलचस्प यह रहा कि आत्मसमर्पित नक्सली अपने परिजनों के लिए फल, बिस्कुट, नमकीन और अचार जैसे सामान लेकर पहुंचे, जिससे उनके भीतर आई सकारात्मक सोच और अपनत्व साफ दिखाई दिया।

प्रमोद कुमार नाग

जिला ब्यूरो सुकमा

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