: स्कूल बसों की फिटनेस चेकिंग एवं चालक-परिचालकों को नेत्र प्रशिक्षण — स्कूली बच्चों की सुरक्षा हेतु यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त कार्यवाही
Ten Singh Thakur
Wed, Jun 18, 2025
तेन सिंह ठाकुर
स्कूल बसों की फिटनेस चेकिंग एवं चालक-परिचालकों को नेत्र प्रशिक्षण — स्कूली बच्चों की सुरक्षा हेतु यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त कार्यवाही
बीजापुर, 17 जून। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस बीजापुर द्वारा संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न स्कूल बसों की फिटनेस जांच एवं चालक-परिचालकों का नेत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस अभियान के तहत बसों में निम्नलिखित आवश्यक बिंदुओं की गहनता से जांच की गई —वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा दस्तावेज, प्रदूषण प्रमाण पत्र, एवं वाहन पंजीयन प्रमाणपत्रसीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, साउंड हॉर्न, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, एवं बैक लाइट व वाइपर सिस्टमचिल्ड्रन हेल्पलाइन नंबर, पुलिस कंट्रोल रूम नंबर एवं अन्य आवश्यक आपातकालीन टोल फ्री नंबरों की उपस्थितिजांच के दौरान अधिकांश स्कूल बसों में मानकों की गंभीर कमी पाई गई। प्रमुख खामियों में —कई बसों में इमरजेंसी लॉकिंग सिस्टम क्षतिग्रस्त पाया गया।फर्स्ट एड बॉक्स में रखी गई औषधियाँ एक्सपायरी डेट की थीं।कुछ बसों में सीसीटीवी कैमरे कार्य नहीं कर रहे थे।वाइपर सिस्टम में पानी नहीं था, बैकलाइट निष्क्रिय पाई गई।इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस ने स्कूल बस संचालकों को एक सप्ताह की समयावधि दी है, जिसके भीतर सभी तकनीकी एवं सुरक्षा कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है।बस संचालकों को नोटिस जारी कर जांच के लिए बुलाया गया था। मौके पर उपस्थित आरटीओ अधिकारियों एवं यातायात पुलिस अधिकारियों द्वारा चालकों को यह स्पष्ट किया गया कि ये कमियाँ बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी हुई हैं और इनकी अनदेखी दंडनीय हो सकती है।सभी स्कूल बसों की पुनः जांच एक सप्ताह बाद की जाएगी। निर्धारित समयावधि में सुधार नहीं करने वाले बसों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।इस कार्यवाही का उद्देश्य केवल औपचारिक जांच नहीं बल्कि बच्चों की यात्रा को सुरक्षित बनाना है।
प्रधान संपादक
तेन सिंह ठाकुर
6264046084
स्कूल बसों की फिटनेस चेकिंग एवं चालक-परिचालकों को नेत्र प्रशिक्षण — स्कूली बच्चों की सुरक्षा हेतु यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त कार्यवाही
बीजापुर, 17 जून। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस बीजापुर द्वारा संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न स्कूल बसों की फिटनेस जांच एवं चालक-परिचालकों का नेत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस अभियान के तहत बसों में निम्नलिखित आवश्यक बिंदुओं की गहनता से जांच की गई —वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा दस्तावेज, प्रदूषण प्रमाण पत्र, एवं वाहन पंजीयन प्रमाणपत्रसीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, साउंड हॉर्न, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, एवं बैक लाइट व वाइपर सिस्टमचिल्ड्रन हेल्पलाइन नंबर, पुलिस कंट्रोल रूम नंबर एवं अन्य आवश्यक आपातकालीन टोल फ्री नंबरों की उपस्थितिजांच के दौरान अधिकांश स्कूल बसों में मानकों की गंभीर कमी पाई गई। प्रमुख खामियों में —कई बसों में इमरजेंसी लॉकिंग सिस्टम क्षतिग्रस्त पाया गया।फर्स्ट एड बॉक्स में रखी गई औषधियाँ एक्सपायरी डेट की थीं।कुछ बसों में सीसीटीवी कैमरे कार्य नहीं कर रहे थे।वाइपर सिस्टम में पानी नहीं था, बैकलाइट निष्क्रिय पाई गई।इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस ने स्कूल बस संचालकों को एक सप्ताह की समयावधि दी है, जिसके भीतर सभी तकनीकी एवं सुरक्षा कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है।बस संचालकों को नोटिस जारी कर जांच के लिए बुलाया गया था। मौके पर उपस्थित आरटीओ अधिकारियों एवं यातायात पुलिस अधिकारियों द्वारा चालकों को यह स्पष्ट किया गया कि ये कमियाँ बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी हुई हैं और इनकी अनदेखी दंडनीय हो सकती है।सभी स्कूल बसों की पुनः जांच एक सप्ताह बाद की जाएगी। निर्धारित समयावधि में सुधार नहीं करने वाले बसों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।इस कार्यवाही का उद्देश्य केवल औपचारिक जांच नहीं बल्कि बच्चों की यात्रा को सुरक्षित बनाना है।
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