Wed 28 Oct 2026

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सह संपादक अर्जुन देवांगन : बड़गांव में माड़िन नदी की पुलिया क्षतिग्रस्त, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा; प्रशासन और निको माइंस की अनदेखी पर उठे सवाल

नारायणपुर छोटेडोंगर

नारायणपुर: बड़गांव में माड़िन नदी की पुलिया क्षतिग्रस्त, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा; प्रशासन और निको माइंस की अनदेखी पर उठे सवाल

छोटेडोंगर/नारायणपुर। जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र में बड़गांव स्थित माड़िन नदी की पुलिया की जर्जर स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिया के क्षतिग्रस्त हिस्से से सड़क के ऊपर लोहे की छड़ें निकल आई हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में पुलिया की खराब हालत साफ दिखाई दे रही है। इसके बावजूद रोजाना इस मार्ग से आवागमन जारी है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है।

हजारों भारी वाहनों की आवाजाही से बढ़ सकता है खतरा

आमदई माइंस में चलने वाले भारी ट्रक और टिप्पर सहित बड़ी संख्या में वाहन इस मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में क्षतिग्रस्त पुलिया पर लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई और पुलिया को नुकसान पहुंचा, तो नारायणपुर से छोटेडोंगर और ओरछा की ओर आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यह मार्ग स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ वाहन चालकों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है। पुलिया बंद होने की स्थिति में दैनिक आवागमन, माल परिवहन और क्षेत्र की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

ट्रक मालिकों पर पड़ेगा आर्थिक बोझ

पुलिया क्षतिग्रस्त होने और आवागमन बंद होने की स्थिति में ट्रक एवं टिप्पर मालिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। वाहनों की किस्त, ड्राइवरों का खर्च, रखरखाव और अन्य परिचालन लागत जारी रहने के कारण परिवहन व्यवसायियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि पुलिया अचानक क्षतिग्रस्त होकर आवागमन के योग्य नहीं रहती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? वाहन मालिकों और आम नागरिकों को होने वाली परेशानी की भरपाई कैसे होगी?

प्रशासन और कंपनी की भूमिका पर सवाल

क्षतिग्रस्त पुलिया को लेकर शासन-प्रशासन और निको माइंस प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग और कंपनी प्रबंधन मौके का निरीक्षण कर पुलिया की वास्तविक स्थिति का आकलन करें तथा आवश्यक मरम्मत की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करें।

यदि भारी वाहनों की आवाजाही से पुलिया पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है, तो उसकी तकनीकी जांच कर सुरक्षित आवागमन के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही, मरम्मत पूरी होने तक दुर्घटना की आशंका को देखते हुए उचित सुरक्षा व्यवस्था भी की जानी चाहिए।

बड़ा सवाल: हादसे का इंतजार क्यों?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पुलिया की स्थिति इतनी खराब दिखाई दे रही है, तो उसकी मरम्मत और सुरक्षा के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही संबंधित विभाग कार्रवाई करेंगे?

जनहित की मांग है कि बड़गांव स्थित माड़िन नदी की क्षतिग्रस्त पुलिया का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, उसकी मरम्मत की जाए और आम नागरिकों व भारी वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई करना जरूरी है।

सह संपादक

अर्जुन देवांगन

9424287527

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