Wed 17 Jun 2026

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: धूम धाम से मनाया गया बुद्ध पूर्णिमा। सीजी फास्ट न्यूज़ की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची 

धूम धाम से मनाया गया बुद्ध पूर्णिमा। सीजी फास्ट न्यूज़ की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची नारायणपुर कांकेर और कोंडागांव जिला के सरहर्दी ग्राम भोंगापाल पाल में धूमधाम से बुद्ध पूर्णिमा मनाया ग्राम भोंगापाल लसुरा नदी के तट पर स्थित है जहां प्राचीन बौद्ध चैतन्य की एवं प्राचीन शिवलिंग के साथ-साथ अन्य मूर्तियों की भी स्थापना की गई है यह मूर्ति छठवीं शताब्दी की आसपास की बताई जा रही है बताता जाता है की अशोक सम्राट के अनुयाइयों द्वारा स्थापित किया गया था दक्षिण की ओर जाते समय यहां काफ़ी समय बिताया गया, इसी दौरान बौद्ध स्तूप (टीला) का भी निर्माण किया गया एवम बौद्ध चैतन्य की मूर्ति एवम शिव लिंग की स्थापना किया गया, चुंकि भोंगापाल का क्षेत्र वनों से आच्छादित तथा अति संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण लोगों एवं पर्यटकों के नजर से दुर रहा किंतु 1990 91 में पुरातत्व विभाग द्वारा लसुरा नदी के तट में स्थित टीला की खुदाई करने पर बौद्ध चैतन्य की मूर्ति तथा प्राचीन शिवलिंग एवं अन्य मूर्ति प्राप्त हुई ,किंतु पुरातत्व विभाग की लापरवाही , असंवेदनसीलता के चलते इन मूर्तियों का संरक्षण संवर्धन नहीं हो पाया अभी जो मूर्तियों की स्थिति है जिसे लोगों ने काफी नुकसान पहुंचा है 1990 91 में मूर्तियों की स्थिति अच्छी रही किंतु अंधविश्वास के चलते मूर्तियों को खरोच खरोच कर विकृत किया गया अभी वहां वर्ष में एक बार मेला का भी आयोजन होता है ,समिति के अध्यक्ष से जानकारी प्राप्त हुई कि लोग अंधविश्वास के चलते इन मूर्तियों को खरोच खरोच कर खंडित कर दिया है , किवदंती है कि मूर्तियों के चूर्ण से तांत्रिक क्रिया कर लोगों को सम्मोहित किया जाता है इसी भ्रांति के चलते मूर्तियों को खरोच खरोच कर काफी नुकसान पहुंचा है । 2017 में कलेक्टर नीलकंठ टीकम जी ने संज्ञान में लेकर मूर्तियों के संरक्षण हेतु टीन सेड का निर्माण एवम ग्रिल का निर्माण कराया गया जिससे मूर्तियों को संरक्षित किया जा सके ग्राम भोंगापाल जाने के लिए नारायणपुर से एडका व्हाया कोटखुरसाई से आलमेर होकर जाया जा सकता है नारायणपुर से भोंगापाल की दूरी 30 किलो मीटर है वहीं कोंडागांव से भोंगापल की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है भोंगापाल तक पक्की सड़क है पर टीला तक पहुंचने के लिए कच्ची सड़क का सहारा है जो लगभग 3 किलो मीटर पर है, अब पक्की सड़क की दर कार है ताकि लोग बारिश के दिनों मे भी आसानी से पहुंच सके, साथ ही पर्यट्न के लिहाज से भी काफ़ी संभावना है जरूरत बस प्रचार प्रसार की है l प्रधान संपादक तेन सिंह  ठाकुर 6264046084

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