अर्जुन देवांगन कि रिपोर्ट : निको जायसवाल कंपनी के वादाखिलाफी से नाराज होकर लोकल मजदूर अपनी जायज मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने पर मजबूर
Ten Singh Thakur
Sun, Feb 8, 2026
निको जायसवाल कंपनी के वादाखिलाफी से नाराज होकर लोकल मजदूर अपनी जायज मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने पर मजबूर
नारायणपुर के छोटेडोंगर आमदई माइंस में लगे मजदूरों ने पिछले चार से पांच दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे है, निको कंपनी अपनी मनमानी के चलते जब से खदान खुली हैं, तब से लोकल मजदूरों से लेकर लोकल निवासियों के लिए कोई भी जन हित का कार्य नहीं कर रही है, पिछले 4 सालों से चल रहे आमदाई खदान लौह अयस्क में निको जायसवाल कंपनी तो अरबों खरबों रुपए खदान से कमा रही है, पर छोटेडोंगर वासियों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित कर दिया है, विकास के नाम पर न तो ढ़ंग से सड़क है, स्वास्थ्य सेवा के लिए न तो कोई हॉस्पिटल बनवाए और न ही कोई स्कूल, एक एम्बुलेंस तक भी लोकल मजदूरों के लिए उपलब्ध करवाया गया है, जिसमें तत्काल सुविधा का लाभ मिल सके, जब से निको कंपनी छोटेडोंगर में लौह अयस्क परिवहन करने खदान खुली हैं तब से लोकल निवासियों का जीना हराम हो गया है, प्रतिदिन हजारों लौह अयस्क परिवहन करने के लिए हजारों ट्रक चलती है, जिसके कारण रोड पूरी तरह से खराब और जर्जर हो चुकी है, जिससे आने जाने वाले यात्रियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं, शासन प्रशासन भी इस गंभीर स्थिति को गंभीरता से न लेते हुए हमेशा ही नजर अंदाज करती रहती है, वन विभाग को भी रॉयल्टी के नाम पर प्रति माह करोड़ों रुपए मिलने के बाद भी वन विभाग से भी आम जनता और मूल निवासियों को कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पा रही है, भ्रष्टाचार कि तो कोई सीमा ही नहीं है, रोड की स्थिति खराब होने से बस से सफर करने वाले को ढंग से बस की सुविधा ही मिलनी बंद हो गई, उसका सबसे बड़ा कारण है रोड का खराब होना, और खदान खुलने से पहले रोड को सही मापदंड से नहीं बनवाना, जिसके कारण आम जनता के पास सिर्फ सहन करने के अलावा कुछ भी नहीं कर सकते,ले देकर 1 या 2 बसे ही चल पा रही है, क्योंकि बस संचालक को कोई प्रॉफिट नहीं हो रहा है, आए दिन बस खराब हो रहे है, बरसात में तो 3 से 4 महीना ओरछा से नारायणपुर मार्ग और अंतागढ़ से कोंडागांव मार्ग पूरा रोड में बड़े बड़े गड्ढे होने से 2 से 3 माह बस संचालक ने अपना बस को चलाना ही बंद कर दिया था, जिससे बस संचालकों और ड्राइवरों के साथ साथ आम नागरिकों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जो अभी भी वर्तमान कि स्थिति यथावत बनी हुई है, किसी मरीज को तत्काल बाहर ईलाज के लिए ले जाना हो तो उसका मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते है, गर्भवती महिलाओं को तो और भी विकट परिस्थिति का सामना करना पड़ता है, या तो रास्ते में ही डीलीवरी जैसे स्थिति बन जाती है, या गर्भपात होने कि भी समस्या उत्पन्न हो जाती है, और तो और जान से जाने का भी खतरा बना हुआ रहता है,
प्रतिदिन आवाजाही करने वाले शिक्षकों को अपने स्कूल तक आने और जाने में भी हजारों ट्रकों के चलने से धूल के साथ रोड कि स्थिति जर्जर होने से समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते, और कई बार तो जिंदा वापिस घर लौट पाएंगे कि नहीं ये डर भी मन में लगा रहता है, सबसे दिक्कत महिला शिक्षिकाओं को इसका सामना करना पड़ता है, क्योंकि दुपहिया वाहन में ड्यूटी आने जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं, पर क्या करे नौकरी तो करनी ही है, और अपनी जिम्मेदारी उठाते हुए जान को जोखिम में डालकर अपना ड्यूटी करते है, क्योंकि और कोई दूसरा विकल्प नहीं है, क्योंकि नौकरी नहीं करेंगे तो घर परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे, क्योंकि आज के समय में बेरोज़गारी ज्यादा हैं, और सरकारी नौकरी तो मिलना तो नहीं के बराबर है।
जिला नारायणपुर के व्यापारियों का भी व्यापार के क्षेत्र में भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, जब से खदान खुली है तब से रोड के खराब हो जाने से ओरछा, छोटेडोंगर धौडाई इन सभी क्षेत्रों से आने वाले खरीदार अब तो न के बराबर ही हो गए है, क्योंकि मूलभूत सुविधा और रोड की स्थिति बेहद ही दयनीय है, एक दम जरूरी होने पर ही अपना जान को जोखिम में रखकर जिला नारायणपुर में कोई सरकारी काम से आते है, या कोई अन्य कार्यों के लिए। जिला नारायणपुर से ओरछा रोड में छोटेडोंगर तक ग्रामीणों के द्वारा बार बार रोड से हजारों ट्रकों के आवाजाही से खराब रोड के कारण परेशान ग्रामीणों के द्वारा कई बार धरना प्रदर्शन किया गया पर किसी भी शासन प्रशासन से लेकर राजनीतिक पार्टियों तक सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला, सिर्फ रोड को रिपेयरिंग के नाम पर लिपा पोती कर दिया जाता हैं, और गांव गांव में निको जायसवाल कंपनी के तरफ से रोड कि पेचिंग मरम्मत करने के नाम पर बड़े बड़े गड्ढों में बड़े बड़े बोल्डर पत्थर को डालकर पाट दिया जा रहा है, रोलर मशीन ढंग से नहीं चलाने से ट्रकों के लोडिंग गाड़ियों के पहिए प्रतिदिन 40 से 50 ट्रकों के नया नया टायर फूट रहे है या पंचर हो रहे है, जिससे जिला नारायणपुर में प्रतिदिन 20 से 25 जोड़ा डेली नया टायर की बिक्री बढ़ गई है, और ट्रक मालिकों को भारी आर्थिक मानसिक स्थिति से गुजरना पड़ रहा है, जब से निको जायसवाल कंपनी छोटेडोंगर आमदाई खदान खुली हैं तब से जिला नारायणपुर वासियों का जीना हराम सा हो गया है, जिला नारायणपुर के हर एक जनता किसी न किसी रूप में परेशान है, ट्रक मालिकों कि स्थिति बहुत ही गंभीर है, कई ट्रक मालिकों के ट्रक के लोन किस्त नहीं पटने से फाइनेंस कंपनी के द्वारा ट्रक मालिक को बहुत ही प्रेशर दिया जाता है, और मानसिक पीढ़ा के कारण सोना चांदी को बेचकर या गिरवी मारकर अपना गाड़ियों का किस्त पटा रहे है, आर्थिक और मानसिक स्थिति से गुजरना पड़ रहा है, कभी जिला नारायणपुर के वासियों ने सपने में भी नहीं सोचा रहा होगा कि खदान खुलने ने हमारे जिला नारायणपुर वासियों का विकास होगा या विनाश, निको कंपनी का तो दिन प्रतिदिन विकास हो रहा है, और रॉयल्टी का पैसा भी सरकारी खजाना तंत्र में रोड टैक्स,फास्ट टैग,और न जाने कितने प्रकार के टैक्स को बराबर मिल रहा है, पर लोकल निवासियों का तो जीना मरना हराम हो गया है, न तो ट्रक मालिक खुश है, और न ही व्यापारी और न ही आम जनता जिला नारायणपुर के सैकड़ों परिवार जो ट्रक लिए है, न तो ढंग से गाड़िया चला पा रहे है, और न ही लोन किस्त पटा पा रहे हैं, और मजबूरन वश गाड़ी चला रहे है, और न ही गाड़ियों को बेच पा रहे है,बल्कि आर्थिक मानसिक पीढ़ा से हद से ज्यादा गुजरना पड़ रहा है। कई ट्रक मालिकों कि स्थिति तो इतनी गंभीर हो गई है, कि अगर इस विकट परिस्थिति और संकट को न सहन करने पर आत्महत्या जैसे कृत्य करने को भी मजबूर हो रहे है, क्योंकि उनके पास सही दाम और समय पर पेमेंट नहीं मिलने से बर्बाद होने से कौन बचायेगा, स्वार्थ कि दुनिया में सब अपना अपना पेट भरने में लगे है, आम जनता कि समस्या से कोई लेना देना नहीं है, सिर्फ आम जनता चुनाव के समय में ही वोट देने के समय याद आते है,
*निको जायसवाल कंपनी में काम पर लगे लोकल मजदूरों ने वेतन बढ़ोतरी को लेकर किया है काम करना बंद,*
निको जायसवाल कंपनी की मनमानी पर लगाया आरोप,खदान के मजदूरों के हड़ताल पर बैठे जाने से लौह अयस्क खनन का काम पूरी तरह ठप्प है,दोनों तरफ ट्रकों कि लगी वाहनों की लंबी कतारे, ट्रकों के खड़े हो जाने से ड्राइवरों और ट्रक मालिक भी परेशान है, क्योंकि ट्रक के लोन किस्त एवं मेंटेनेंस करना ट्रक मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है, जब से आमदाई खदान खुली हैं तब से समय पर भाड़ा नहीं मिलने और आज 4 से 5 साल होने के बाद भी उतना ही भाड़ा में सभी ट्रक मालिक ट्रक चलाने को है मजबूर, इसमें सबसे बड़ी कमी है, यूनियन के लोगों में आपसी तालमेल न बैठना जिसका पूरा लाभ निको कंपनी और ट्रांसपोर्टर उठाते है, और लोकल ट्रक मालिक सिर्फ ट्रक मालिक ही कहला रहे है, न तो ट्रक से कुछ कमा पा रहे हैं और न ही ट्रक के खर्चे मेंटेनेंस कर पा रहे है,30 दिन तक गाड़ी चलाने के बाद बिल्टी जमा करने के बाद 45 से 50 दिन में ट्रक मालिक को पेमेंट मिलता हैं, टोटल 75 से 80 दिन में इतना लेट पेमेंट मिलने से ड्राइवरों और ट्रक का मेंटेनेंस कई ट्रक मालिक नहीं कर पाते और आख़िरकार फायनेशर ट्रक का लोन किस्त नहीं पटाने कि स्थिति में ट्रक मालिक को अपने ट्रक से हाथ धोना पड़ जाता है, और जो जमा पूंजी भी ट्रक में लगाया था वो भी वापिस नहीं मिलता, इसलिए कई ट्रक मालिक बिल्टी फाइनेंस करने को मजबूर हो जाते है , जिसके कारण पर बिल्टी में 50 से 55 रुपए टन का काटने से 1900 से 2000 के आसपास नुकसान उठाना पड़ता है ,
*छोटेडोंगर में निको कंपनी के द्वारा बड़े बड़े सपने दिखाकर लोकल निवासियों को ट्रक जीरो परसेंट में दिलवाया गया था*
निको जायसवाल कंपनी ने छोटेडोंगर लोकल निवासियों को ट्रक लेने को बोला गया और सैकड़ों कि संख्या में लोग ट्रक भी लिए पर जीरो परसेंट में ट्रक मिलने के बाद एक साल होने के बाद ट्रक का मेंटेनेंस ट्रक मालिक नहीं कर पाए और जीरो परसेंट में ट्रक लेने से भी भारी ब्याज लगा, और ट्रक परिवहन का कोई अनुभव नहीं होने से छोटेडोंगर के कई ट्रक मालिकों को अपने ट्रक को बेचने या फाइनेंस कंपनी खींच कर ले गई, जिससे छोटेडोंगर निवासियों का जीना हराम हो गया, और उनका कहना है, जब से आमदाई खदान खुली है, तब से हमारे जीवन में शांति एवं सुकून नाम का कोई चीज भी था ऐसे लगने लगा है, वास्तव में खदान तो खुली थी जिला नारायणपुर और लोकल निवासियों का विकास करने के लिए पर हकीक़त में कुछ और है, यहां विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश और लोकल निवासियों का जीना मरना मुश्किल सा हो गया है, न तो ढ़ंग से जी पा रहे हैं और न ही अपनी आप बीती को किसी को बता पा रहे है, बस सहन करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है।
बस्तर संभाग हेड
अर्जुन देवांगन
9424287527
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