: ‘’विकसित कृषि संकल्प‘’ अभियान 2025*
Thu, May 29, 2025
रचना ठाकुर की रिपोर्ट...
*‘’विकसित कृषि संकल्प‘’ अभियान 2025**विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कलेक्टर ने रथ को हरी झंडी दिखाकर ग्राम पंचायतों के लिए किया रवाना* दंतेवाड़ा, 29 मई 2025। छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने हेतु एक ऐतिहासिक कदम के रूप में ’’विकसित कृषि संकल्प अभियान’’ का शुभारंभ दंतेवाड़ा जिले से हुआ। यह पहल कृषि क्षेत्र में नवाचार और वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा देने के साथ किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक निर्णायक प्रयास है। इस अभियान के तहत आज कलेक्ट्रेट परिसर से रथ को विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।इस कार्यक्रम में विधायक श्री अटामी ने कहा कि ’’विकसित कृषि संकल्प अभियान’’ कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने का केंद्र और राज्य शासन का संयुक्त प्रयास है। विकसित कृषि संकल्प रथ जिले के गांव-गांव पहुंकर कृषि विभाग सहित उद्यान, मछली पालन एवं पशुपालन विभागों की उन्नत कृषि उन्मूखी योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जानकारी देने के साथ-साथ उनसे लाभान्वित होने के लिए प्रेरित करेगा। इसके साथ ही चयनित ग्रामों में शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों को कृषि संबंधी आधुनिक उपकरण प्रदाय किए जाएगें। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि जिले में इस अभियान की शुरुआत से ग्रामीण जन निश्चित रूप से इसका लाभ उठाकर जिले को कृषि खेती के पारंपरिक पद्धतियों से आगे बढ़ाकर वैज्ञानिक आधुनिक एवं नवाचार आधारित कृषि जिला बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगें।मौके पर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि आज दंतेवाड़ा जिले अंतर्गत शासन के निर्देशानुसार ’‘’विकसित कृषि संकल्प‘’ अभियान के तहत 3 रथ को रवाना किया गया और इसमें उसी प्रकार के पशुपालन विभाग के मोबाइल यूनिट वेन भी शामिल है। ये सभी रथ 78 ग्राम पंचायतों में जाएंगे और कृषि, उद्यान, मछली पालन एवं पशुपालन विभागों की जो शासन द्वारा चलाई योजनाओं के बारे में ग्रामीण को जन जागरूक करेंगी। इसके साथ ही वर्तमान में खरीफ का सीजन को देखते हुए उन्नत तकनीकी से कृषि के क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देना। शासन की प्राथमिकता वाली योजना जैसे मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं अन्य कृषि संबंधित योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को देना इसका प्रमुख उद्देश्य है। हमारा प्रयास रहेगा कि आधुनिक एवं उत्तम तकनीकी कृषि में जिला अग्रणी बने।ज्ञात हो कि अभियान के तहत जिले में तीन रथों को तैयार किया गया है, जो 15 दिनों के भीतर 78 पंचायतों तक पहुंचेंगे। प्रतिदिन प्रत्येक रथ दो-दो ग्राम पंचायतों में जाकर छह पंचायतों को कवर करेगा। इन शिविरों में किसानों को विभागीय योजनाओं, नवीनतम तकनीकों एवं कृषि संबंधित समस्याओं के समाधान से अवगत कराया जाएगा। इस अभियान में कृषि विभाग, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन, कृषि विज्ञान केंद्र, एवं स्थानीय किसान उत्पादक संगठन के जैविक कार्यकर्ता प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही विशेषज्ञ वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षित कर्मी किसानों को उनकी कृषि समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान प्रदान करेंगे। आधुनिक एवं नवाचार आधारित खेती से कृषकों को अधिक से अधिक जोड़ना, कम लागत में अधिक उत्पादन की दिशा में किसानों को सक्षम बनाना, जैविक खेती को प्रोत्साहन एवं मृदा परीक्षण के माध्यम से उपजाऊ भूमि संरक्षण, किसानों की आमदनी में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लक्षित बिंदुओं पर आधारित इस अभियान के अन्तर्गत प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित कर ग्राम पंचायत स्तर पर वैज्ञानिक खेती, ड्रिप सिंचाई, वर्मी कंपोस्ट, फसल विविधीकरण, मिश्रित खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन आदि विषयों पर प्रशिक्षण। डेमो प्लॉट (प्रदर्शन खेत) ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार किए गए मॉडल प्लॉट्स में किसानों को नई तकनीकों का सीधा अनुभव लेने का अवसर दिया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल सलाह एवं संपर्क मोबाइल ऐप्स और टोल फ्री नंबर के माध्यम से किसानों को निरंतर तकनीकी सलाह एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा। मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण मृदा परीक्षण के आधार पर जैविक खाद व उर्वरकों की सलाह एवं जागरूकता। सरकारी प्रोत्साहन योजनाएं प्रमाणित बीज, उन्नत कृषि यंत्रों एवं जैविक उत्पादों पर अनुदान व सब्सिडी इस अभियान के तहत दिए जाएगें। इस मौके पर उप संचालक श्री सूरज पंसारी, उप संचालक श्रीमती श्यामा मालवीय सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।जिला ब्यूरो प्रमुख दंतेवाड़ारचना ठाकुर7000297169
: समन्वय बनाकर, जिम्मेदारी से काम करें- संजय
Sat, May 24, 2025
हेमुसाय की रिपोर्ट
समन्वय बनाकर, जिम्मेदारी से काम करें- संजयपार्षद आंगनबाड़ी केन्द्रो में करेंगे सतत निगरानीनगर निगम, महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक आयोजितजगदलपुर। 23मई,नगर निगम विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए आज शहर के डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार (टाउन हॉल) में दोनों विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों ने शासन द्वारा जारी संचालित योजनाओं की जानकारी दी। सभी योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से हो इस हेतु यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में महापौर संजय पाण्डे, नगर निगम स्पीकर खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, योगेंद्र पांडे, संग्राम सिंह राणा, राणा घोष, संजय विश्वकर्मा, त्रिवेणी रंधारी, कलावती कसेर, पार्षदगण, नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, विनय श्रीवास्तव, महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी अर्चना सेमसन, सुपरवाइजर संध्या सिंह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका मौजूद रहे।**महापौर संजय पाण्डे ने कहा सभी कार्यकर्ता एवं सहायिका बहनें अपने कार्यों का निर्वहन जिम्मेदारी से करें। दोनों विभाग आपसी तालमेल बनाकर काम करे। महिला एवं बाल विकास विभाग की समस्त योजनाओं का संचालन ठीक ढंग से हो एवं समस्त हितग्राहियों को इसका लाभ मिले। योजनाओं की जानकारी प्रत्येक हितग्राही तक पहुंचे इस बात की चिंता विभाग को करनी है। प्रत्येक वार्ड की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका अपने वार्ड के पार्षदों के साथ सीधे तौर पर तालमेल बनाकर कम करें। इसके लिए जरूरी है कि पार्षद अपने वार्डों में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रो की सतत निगरानी करें। नगर निगम के स्पीकर खेमसिंह देवांगन ने कहा इस प्रकार की बैठक पहली बार आयोजित की गई है जिसका लाभ मिलेगा। उन्होंने इस बात के लिए महापौर को बधाई भी दी। एमआईसी सदस्य योगेंद्र पांडे ने कहा चुने हुए जनप्रतिनिधि सरकार के अंग हैं, उन्हें अपने वार्डों में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रो की संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए। संग्राम सिंह राणा ने कहा सरकार की मंशा है कि जिन क्षेत्रों में कुपोषण दर अधिक है वह क्षेत्र कुपोषण मुक्त हो। महिला एवं बाल विकास विभाग की सभापति त्रिवेणी रंधारी, एमआईसी सदस्य निर्मल पानीग्राही, पार्षद गायत्री बघेल ने भी समन्वय बैठक में अपनी बातें रखी।स्वागत उद्बोधन के माध्यम से सुपरवाइजर संध्या सिंह ने बताया शासन की जितनी भी योजनाएं संचालित है उसकी जानकारी गर्भवती माताओं को आंगनबाड़ी केन्द्रो में दी जाती है। परियोजना अधिकारी अर्चना सेमसन ने कहा बिना जनप्रतिनिधियों के सहयोग से योजनाओं का क्रियान्वयन निचले स्तर तक संभव नहीं है। दोनों विभाग के समन्वय के लिए यह आवश्यक बैठक आयोजित की गई है।बस्तर संभाग हेडहेमु साय7870710680प्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर6264046084
: *मुख्यमंत्री के मुलेर प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं पर अमल शुरू*
Sun, May 18, 2025
रचना ठाकुर की रिपोर्ट...
*मुख्यमंत्री के मुलेर प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं पर अमल शुरू**उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, तीन सीसी सड़कों एवं डोम शेड निर्माण को जिला प्रशासन द्वारा दी गई प्रशासनिक स्वीकृति* दंतेवाड़ा,18 मई 2025। सुशासन तिहार 2025 के तहत जिले के अति संवेदनशील एवं अंतिम छोर पर स्थित ग्राम मुलेर में विगत दिवस प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा औचक पहुंचकर विकास शिविर का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामवासियों में विशेष उत्साह देखा गया और मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और आवश्यकताओं को रखा। इनमें उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, तीन सीसी सड़कों के निर्माण एवं डोम शेड निर्माण की मांग प्रमुख थी। जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी मांगों को तत्काल मंजूरी प्रदान की। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि इन कार्यों को प्राथमिकता से शीघ्र पूर्ण किया जाए।मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए इन विकास कार्यों के लिए कुल 21.54 लाख (इक्कीस लाख चौवन हजार रुपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह त्वरित कार्यवाही शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ग्राम मुलेर जैसे सुदूर अंचलों में इस प्रकार की पहल से न केवल बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु भी सुदृढ़ होगाजिला ब्यूरो प्रमुख दंतेवाड़ारचना ठाकुर7000297169