: गुरिल्ला युद्ध में दुनिया का सबसे खतरनाक बल,DRG,डी आर जी ,बस्तर फाइटर एवं एसटीएफ के साथ भेदभाव कब तक
Ten Singh Thakur
Sun, Jan 26, 2025
तेन सिंह ठाकुर की रिर्पोट
नारायणपुर
डी आर जी ,बस्तर फाइटर एवं एसटीएफ के साथ भेदभाव कब तक
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पदस्थ केंद्रीय रिजर्व बल को रिस्क अलाउंस (जोखिम भत्त₹21000 दिया जाता है, वही छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल ऑपरेशन ,नक्सल अभियान में शामिल बल जैसे डी आ जी,बस्तर फाइटर एसटीएफ तथा जिला राजनंदगांव धमतरी गरियाबंद में भी नक्सल ऑपरेशन में बल लगा हुआ है इन्हें भी केंद्रीय रिजर्व बल के तर्ज पर ₹21000 जोखिम भत्ता दिया जाना चाहिए चूंकि नक्सल अभियान प्रक्रिया जटिल से जटिल कार्यों में से एक है जवान विषम परिस्थितियों में ड्यूटी को निभाते हैं फिर चाहे मौसम कैसा भी हो भौगोलिक स्थिति कैसी भी हो हर हाल में डटे रहते हैं। एक फिल्मी डायलॉग है की *थप्पड़ से डर नहीं लगता साहब प्यार से लगता है "इस प्रकार हमारे जवानों के लिए *अब गोली से डर नहीं लगता साहब आईडी से लगता है*जवानों का कहना है गोली से शहीद हो गए तो कोई बात नहीं हमारा पार्थिव शरीर परिवार वालों को सही सलामत मिल जाएगी लेकिन आईडी की चपेट में आने पर हमारे शरीर का कौन सा अंग जीवन भर के लिए त्यागना पड़ जाए या कोई अंग मिलेगा या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं हाल ही में आपने बीजापुर की घटना देख चुके हैं आईडी ब्लास्ट में जवानों के छत विछत शव हमें मिले हैं, मांस के लोथड़ों में तब्दील होना पड़ा था। मन में हमेशा इसकी चिंता बनी रहती है इसके बावजूद हम जंग के मैदान में डटकर लड़ाई करते हैं ,हमारी शौर्य में कभी कोई कमी नही आती।
केंद्र की मोदी सरकार एवं राज्य की विष्णु देव सरकार छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक नक्सली मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है किंतु इसके लिए बहुत से जवानों की कुर्बानी देनी होगी कितने साथियों को खोना पड़ेगा इसकी कोई अंदाजा नहीं पर हमारे हौसलों में तनिक भी कमी नहीं आएगी। जवान देश के हित में सरकार के हर फैसले के साथ था और हमेशा रहेगा मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ के साथ-साथ संपूर्ण भारत को नक्सल मुक्त देश बनाने का लक्ष्य रखा है। केंद्र की मोदी सरकार एवं छत्तीसगढ़ राज्य की विष्णु देव सरकार से हम जवानों की मांग है कि केंद्रीय रिजर्व बल के तर्ज पर हमें भी₹21000 जोखिम भत्ता प्रदान किया जाए अभी हमारा वर्तमान जोखिम भत्ता 3000 से 3500 रू है जो बहुत ही कम है ,इस विषय पर छत्तीसगढ़ सरकार को विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है
नोट: इसका एक उदाहरण उड़ीसा सरकार है SOG के प्रति उड़ीसा सरकार का फैसला बहुत ही सराहनीय है। इससे जवानों का मनोबल उच्च स्तर का होगा और बढ़-चढ़कर काम करेंगे इसके लिए उड़ीसा सरकार को हृदयपूर्वक धन्यवाद। डी आर जी को देश का सबसे बड़ा गोरिल्ला वार फोर्स माना जाता है, जिन्होंने समय-समय पर कितनो ही ऑपरेशन में भाग लिया, एसटीएफ और बस्तर फाइटर के साथ मिलकर बड़े-बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया तथा जिसमें बहुत से टॉप नक्सली लीडरों को मार गिराया हाल ही में सी वी सी मेंबर चलपती जो एक करोड़ का इनामी नक्सली था उन्हें भी हमने धूल-धूसरित कर दिया इस प्रकार हमारे जवानों का मनोबल काफी ऊंचा है किंतु छत्तीसगढ़ सरकार हमें केंद्रीय रिजर्व बल के 21 000 के जोखिम भत्ता के समक्ष देने में नाकाम है प्रदेश की विष्णु देव सरकार से पुन:निवेदन है, अनुरोध है की हमारी मांगों पर संवेदनशील होकर विचार करें।
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प्रधान संपादक
तेन सिंह ठाकुर
6264046084
डी आर जी ,बस्तर फाइटर एवं एसटीएफ के साथ भेदभाव कब तक
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पदस्थ केंद्रीय रिजर्व बल को रिस्क अलाउंस (जोखिम भत्त₹21000 दिया जाता है, वही छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल ऑपरेशन ,नक्सल अभियान में शामिल बल जैसे डी आ जी,बस्तर फाइटर एसटीएफ तथा जिला राजनंदगांव धमतरी गरियाबंद में भी नक्सल ऑपरेशन में बल लगा हुआ है इन्हें भी केंद्रीय रिजर्व बल के तर्ज पर ₹21000 जोखिम भत्ता दिया जाना चाहिए चूंकि नक्सल अभियान प्रक्रिया जटिल से जटिल कार्यों में से एक है जवान विषम परिस्थितियों में ड्यूटी को निभाते हैं फिर चाहे मौसम कैसा भी हो भौगोलिक स्थिति कैसी भी हो हर हाल में डटे रहते हैं। एक फिल्मी डायलॉग है की *थप्पड़ से डर नहीं लगता साहब प्यार से लगता है "इस प्रकार हमारे जवानों के लिए *अब गोली से डर नहीं लगता साहब आईडी से लगता है*जवानों का कहना है गोली से शहीद हो गए तो कोई बात नहीं हमारा पार्थिव शरीर परिवार वालों को सही सलामत मिल जाएगी लेकिन आईडी की चपेट में आने पर हमारे शरीर का कौन सा अंग जीवन भर के लिए त्यागना पड़ जाए या कोई अंग मिलेगा या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं हाल ही में आपने बीजापुर की घटना देख चुके हैं आईडी ब्लास्ट में जवानों के छत विछत शव हमें मिले हैं, मांस के लोथड़ों में तब्दील होना पड़ा था। मन में हमेशा इसकी चिंता बनी रहती है इसके बावजूद हम जंग के मैदान में डटकर लड़ाई करते हैं ,हमारी शौर्य में कभी कोई कमी नही आती।
केंद्र की मोदी सरकार एवं राज्य की विष्णु देव सरकार छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक नक्सली मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है किंतु इसके लिए बहुत से जवानों की कुर्बानी देनी होगी कितने साथियों को खोना पड़ेगा इसकी कोई अंदाजा नहीं पर हमारे हौसलों में तनिक भी कमी नहीं आएगी। जवान देश के हित में सरकार के हर फैसले के साथ था और हमेशा रहेगा मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ के साथ-साथ संपूर्ण भारत को नक्सल मुक्त देश बनाने का लक्ष्य रखा है। केंद्र की मोदी सरकार एवं छत्तीसगढ़ राज्य की विष्णु देव सरकार से हम जवानों की मांग है कि केंद्रीय रिजर्व बल के तर्ज पर हमें भी₹21000 जोखिम भत्ता प्रदान किया जाए अभी हमारा वर्तमान जोखिम भत्ता 3000 से 3500 रू है जो बहुत ही कम है ,इस विषय पर छत्तीसगढ़ सरकार को विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है
नोट: इसका एक उदाहरण उड़ीसा सरकार है SOG के प्रति उड़ीसा सरकार का फैसला बहुत ही सराहनीय है। इससे जवानों का मनोबल उच्च स्तर का होगा और बढ़-चढ़कर काम करेंगे इसके लिए उड़ीसा सरकार को हृदयपूर्वक धन्यवाद। डी आर जी को देश का सबसे बड़ा गोरिल्ला वार फोर्स माना जाता है, जिन्होंने समय-समय पर कितनो ही ऑपरेशन में भाग लिया, एसटीएफ और बस्तर फाइटर के साथ मिलकर बड़े-बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया तथा जिसमें बहुत से टॉप नक्सली लीडरों को मार गिराया हाल ही में सी वी सी मेंबर चलपती जो एक करोड़ का इनामी नक्सली था उन्हें भी हमने धूल-धूसरित कर दिया इस प्रकार हमारे जवानों का मनोबल काफी ऊंचा है किंतु छत्तीसगढ़ सरकार हमें केंद्रीय रिजर्व बल के 21 000 के जोखिम भत्ता के समक्ष देने में नाकाम है प्रदेश की विष्णु देव सरकार से पुन:निवेदन है, अनुरोध है की हमारी मांगों पर संवेदनशील होकर विचार करें।
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