Mon 15 Jun 2026

ब्रेकिंग

नीट परीक्षा के आयोजन को लेकर कलेक्टर व एसपी ने परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण

महिला सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान के तहत जी.एन.एम. छात्रावास में आयोजित हुआ विशेष जागरूकता कार्यक्रम

अबूझमाड़ के ग्राम मसपुर में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशामुक्ति और शिक्षा का संदेश, महिलाओं को वितरित किए सेनेटरी नैपकिन

थाना अनंतपुर क्षेत्र के दूरस्थ गांव के ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत् होने ग्राम ओडारगांव में लगाया गया सहयोग चौपाल

कांकेर पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्म-सशक्तिकरण विषयक का आयोजन

परंपरागत कृषि के साथ औषधि पौधों का रोपण कर समृद्ध हो रहे है किसान : कभी नक्सलगढ़ के रूप में पहचाना जाता था अबूझमाड़।

परंपरागत कृषि के साथ औषधि पौधों का रोपण कर समृद्ध हो रहे अबूझमाड़ के किसान।

कभी नक्सलगढ़ के रूप में पहचाना जाता था अबूझमाड़।

नारायणपुर जिले के दौरे पर पहुंचे छत्तीसगढ़ पादटबोर्ड के अध्यक्ष एवं डीएसके के वरिष्ठ सलाहकार विकास मरकाम ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ औषधीय एवं वनस्पति फसलों की खेती अपनाने का संदेश दिया। कभी नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र कोहकमेटा, कुरूषनार, कड़ोली, बांसिंग और देवगांव में किसानों से सीधे संवाद कर उन्होंने वनस्पति पौधों की खेती के लाभों की जानकारी दी।

विकास मरकाम ने बताया कि वक्ष, खस, शतावरी ब्राह्मी,अश्वगंधा ,सर्पगंधा सहित कई औषधीय पौधों की बाजार में भारी मांग है। इनकी खेती धान की तुलना में अधिक लाभदायक साबित हो सकती है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है ताकि वे आधुनिक एवं लाभकारी खेती की ओर अग्रसर हो सकें।

देवगांव के किसान लछिम मात्रा ने आधा एकड़ भूमि में औषधीय वनस्पति पौधों की खेती कर एक नई मिसाल पेश की है। उन्हें पादट बोर्ड द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। इस पहल से क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित होकर औषधीय खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

प्रधान संपादक

तेन सिंह ठाकुर

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन